धर्मशाला, 1 अगस्त :
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शनिवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मिनी सचिवालय धर्मशाला में विकास कार्यों एवं मानसून के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विशेष रूप से बोह क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद चल रहे राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार बोह आपदा प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन 14 प्रभावित परिवारों को स्थायी आवास के लिए भूमि की आवश्यकता है, उन्हें सरकारी भूमि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी। राजस्व विभाग को इस संबंध में सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित विशेष राहत पैकेज प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा राहत पैकेज है। इसके तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख रुपये, घरेलू सामान के लिए 1 लाख रुपये, अर्थात कुल 8.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त फसल, पशुधन, दुकानों तथा अन्य नुकसान के लिए भी विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बोह क्षेत्र के दौरे के दौरान अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें बेघर परिवारों को सरकारी भूमि उपलब्ध करवाना, बोह सड़क के सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से एक करोड़ रुपये जारी करना, मृत दुधारू पशु पर 55 हजार रुपये, बकरी पर 15 हजार रुपये, जलभराव से क्षतिग्रस्त मकानों को 1 लाख रुपये, दुकानों को नुकसान के अनुसार 50 हजार से 1 लाख रुपये, फसल नुकसान पर 5 हजार रुपये प्रति कनाल, किराये पर रहने वाले प्रभावित परिवारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह, छह माह का निःशुल्क राशन तथा रिडकमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्तरोन्नत करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि अब तक 25 प्रभावित परिवारों को 25-25 हजार रुपये तथा 16 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अंतरिम राहत भी जारी की जा चुकी है।
उप मुख्य सचेतक ने कहा कि आपदा के समय असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय देकर ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करने वाली राणो देवी को प्रदेश स्तर पर सम्मानित करने की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लोगों को चेतावनी नहीं मिलती तो जनहानि कहीं अधिक हो सकती थी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्थानीय लोगों, स्वयंसेवकों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित किया जाएगा, ताकि समाज में सेवा और मानवता की भावना को और अधिक प्रोत्साहन मिले।
प्रशासन की कार्यशैली की सराहना
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि बोह आपदा के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों ने समन्वित ढंग से कार्य कर राहत एवं बचाव अभियान को सफल बनाया। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, चिकित्सा, राहत शिविर, दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति और अन्य आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध करवाई गईं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रभावित परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
विकास कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्य सचेतक ने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में परियोजनाएं पूर्ण करने, मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने, लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा पर्यटन एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक एवं नगर निगम आयुक्त ज़फर इक़बाल ने बताया कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) की ओर से भी बोह आपदा प्रभावित परिवारों को कुल 9 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 30-30 हजार रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 20-20 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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