रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के प्रागैतिहासिक काल से लेकर हिमाचल के निर्माण तक, यहां की बोलियों, व्यंजनों, स्वतंत्रता सेनानियों, कारगिल विजेताओं, सैनिकों, हिमाचल के समक्ष चुनौतियां, अर्थव्यवस्था, राजनीति आदि विषयों पर रोचक जानकारी एवं तथ्यों का किताबों में समावेश किया जाएगा। इस जानकारी को एक माह के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि इन्हें शीघ्र प्रकाशित किया जा सके। शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नए पाठ्यक्रम की इन किताबों को स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर आधारित जानकारी और तथ्यों को जानने से विद्यार्थियों में विशलेष्णात्मक सोच और गहराई से जानने की जिज्ञासा जागृत होगी तथा भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सहायक सिद्ध होगी।
शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में छठी से आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव और सुधार के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जिसकी नियमित अंतराल में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस कमेटी में शिक्षा सचिव, हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड और एससीईआरटी के प्रतिनिधि तथा सहायक प्रो. आदि शामिल हैं।
बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, राज्य परियोजना निदेशक सम्रग शिक्षा राजेश शर्मा, सचिव शिक्षा बोर्ड अंकुश शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा सुनिता सिंह और प्रिंसिपल एससीईआरटी डॉ. रितु शर्मा सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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