चम्बा(सलूणी), 19 फरवरी
कृषि विज्ञान केंद्र चम्बा और उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान से उपमंडल सलूणी के गांव डियूर में सेब फसल के रोग प्रबंधन को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य बागवानों को सेब की फसल में लगने वाले रोगों की पहचान और उनके सही उपचार की जानकारी देना था।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. जया चौधरी ने बताया कि इस अभियान के तहत बागवानों को सेब की फसल के उचित प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शिविर में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना लीफ ब्लॉच जैसे रोगों की रोकथाम की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर सही दवाइयों का उपयोग और निर्धारित स्प्रे शेड्यूल का पालन करने से फसल को रोगों से बचाया जा सकता है और उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। बागवानों को दवाइयों के संतुलित प्रयोग, छिड़काव की सही विधि और समय के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर में विशेषज्ञों के द्वारा मृदा स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर दिया गया और मिट्टी परीक्षण व संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित स्प्रे शेड्यूल अपनाने को कहा।
शिविर में बागवानी विकास अधिकारी डॉ. मंथन जरयाल और उद्यान प्रसार अधिकारी जोगिंदर भी उपस्थित रहे।

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