निरमंड, 16 सितंबर
उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने निरमंड उपमंडल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि विभिन्न आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। विशेष तौर से बागवानों को राहत प्रदान करने के लिए सड़क मार्गों को खोलने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा।
उपायुक्त तोरुल रवीश ने सुबह सबसे पहले निरमंड बस अड्डे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पाया कि बस अड्डे का भवन क्षतिग्रस्त होने की आशंका है, भवन में दरारों के साथ बसें खड़ा करने का स्थान धंस रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और अड्डा प्रबंधन को निर्देश दिए कि भवन को स्थिर करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जाए और सभी तकनीकि पहलुओं पर विचार करने की बात कही।
इसके पश्चात उपायुक्त ने निरमंड के साथ लगते हट्टल गांव का दौरा किया और भारी भूसख्लन के कारण भूमि का कटाव और इसके कारण भवन धंसने के मामले पर भी प्रशासन को उचित दिशा निर्देश दिए। साथ ही भवन मालिकों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने हट्टल गांव में दर्जन भर प्रभावितों से बातचीत भी की।
इसके पश्चात नोर और राहणू पंचायत में उपायुक्त ने विभिन्न धंसे हुए भवनों का निरीक्षण किया। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील भवनों को बचाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने पर मंथन किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भवन भूस्खलन की चपेट में आने से बच गए हैं उनको स्थिर करने के लिए सभी पहलुओं पर गौर करें।
उपायुक्त ने राहणु पंचायत के लांज में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने जानकारी प्रदान की कि कतमोर और शरशाह इलाके में करीब 6 से 7 हजार सेब की पेटियां फंसी हुई हैं। लोगों ने जल्द से जल्द सड़क बहाल करने और जिन स्थानों पर सड़क बहाल संभव नहीं है वहां स्पेन लगाने की भी मांग की।
स्थानीय लोगों ने सड़क के कारण घरों में पानी से नुक्सान, गैस सिलेंडर की किल्लत, बगीचों के नुक्सान पर विस्तार से अपनी बात रखी। गमोग, राहणु, घाटु, शिल्ली पंचायत के लोगों ने आधारभूत सेवाओं की बहाली की मांग की। आपदा के कारण पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त होने और स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में पेश आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी स्थानीय जनता ने उपायुक्त के समक्ष उठाया।
उपायुक्त तोरुल रवीश ने उपरोक्त अति दुर्गम पंचायतों तक का सफर कई स्थानों पर पैदल ही तय किया। सड़क मार्ग न होने के कारण लोगों को पेश आ रही समस्याओं को उपायुक्त ने करीब से देखा। उन्होंने राजकीय प्राथमिक पाठशाला में अध्ययनरत छात्रों के संवांद भी किया और बच्चों से सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी पूछे। जिसका अधिकतर छात्रों ने सही जवाब दिया।
उपायुक्त ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बागीपुल का भी दौरा किया और क्षतिग्रस्त हिस्से को तुरंत रिस्टोर करने पर बल दिया।
इसके पश्चात उपायुक्त ने निरमंड के समिति हॉल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सेब बागवानों की फसल को निकालने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने को कहा। आवश्यक सेवाओं को समय पर बहाल करने के लिए उन्होंने अधिकारियों से फीड बैक लिया और लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तीव्र गति से कार्य करने की अपील की।
एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने इस दौरे के दौरान उपायुक्त को विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया। डीएसपी चंद्रशेखर, तहसीलदार निरमंड रजत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी इस मौके पर मौजूद रहे।

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