मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने बताया कि इस शिविर में लगभग 2020 लोगों का चैकअप किया गया। उन्होंने बताया कि गाइनी यानि स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में सर्वाधिक 365 महिलाओं ने चैकअप करवाया। ऑरथो यानि हड्डी रोग के विशेषज्ञों ने 253 और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 236 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
इसी प्रकार नेत्र रोग विशेषज्ञों ने 189, ईएनटी यानि कान, नाक एवं गले के विशेषज्ञों ने 159, त्वचा रोग के विशेषज्ञों ने 144, हृदय रोग 122, बाल रोग 77, गैस्ट्रोएंटोलॉजी 43, डेंटल 43, न्यूरोलॉजी 30, सर्जरी 23 और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 18 लोगों की जांच की। स्वास्थ्य विभाग ने कुल मिलाकर 1740 लोगों की जांच की, जिनमें से महिलाओं की संख्या 1114, पुरुषों की 549 और शिशुओं की संख्या 77 रही। इस दौरान 1860 लोगों के विभिन्न प्रकार के टैस्ट, 72 लोगों के अल्ट्रासाउंड, 76 लोगों के शुगर टेस्ट, 43 लोगों के एचबी टैस्ट, 43 लोगों का बीएमआई, 35 के एक्स-रे और 110 लोगों के टीबी टैस्ट किए गए। 12 लोगों के मौके पर ही आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। इस दौरान लोगों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं।
उधर, आयुर्वेद विभाग के विशेषज्ञों ने भी 205 लोगों का चैकअप किया। इनमें 95 महिलाएं, 103 पुरुष और 7 शिशु शामिल हैं। होम्योपैथी के विशेषज्ञों से 75 लोगों ने अपनी जांच करवाई। इनमें 46 पुरुष और 29 महिलाएं शामिल रहीं।

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