कैसे फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस बरसात के मौसम में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। यह रिकेट्सिया जीवाणु से संक्रमित लार्वा माइट (चिगर) के काटने से फैलता है। यह परजीवी प्रायः खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में पाया जाता है तथा चूहों एवं अन्य छोटे स्तनधारी जीवों पर आश्रित रहता है। संक्रमित चिगर के काटने पर जीवाणु त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाता है और स्क्रब टाइफस का संक्रमण होता है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. एस. के. वर्मा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को कंपकंपी के साथ 104 से 105 डिग्री तक तेज बुखार, जोड़ों में भयंकर दर्द, शरीर में अकड़न तथा अत्यधिक थकावट महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। गंभीर संक्रमण की स्थिति में गर्दन, कांख अथवा कूल्हों के ऊपर गिल्टियां (लसीका ग्रंथियों में सूजन) भी हो सकती हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। इसके अलावा किसी भी प्रकार का बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।
घर और आसपास रखें साफ-सफाई
बचाव के लिए बरसात के दौरान घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा घास-झाड़ियों को न बढ़ने दें। कहीं भी पानी जमा न होने दें। घर के अंदर-बाहर तथा आसपास आवश्यकता अनुसार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरे शरीर, विशेषकर हाथों और पैरों को ढककर रखें।
क्या कहते हैं जिलाधीश
जिलाधीश जतिन लाल ने लोगों से बरसात के मौसम में स्क्रब टाइफस, डेंगू तथा अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लोगों को इन रोगों के प्रति जागरूक करने तथा बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष बल दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा अफवाहों पर ध्यान न देकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया।

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