*मक्की उत्पादन बढ़ाने के लिए एचपीसीडीपी-II की पहल, किसानों में दिखा उत्साह*

*मंडी, 5 जून।* हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एचपीसीडीपी-II) जायका-ओडीए के अंतर्गत खंड परियोजना प्रबंधक इकाई मंडी द्वारा उप-परियोजना पधर के आरंग क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादकता कार्यक्रम के तहत मक्की की लाइन बुवाई का प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से परिचित करवाना तथा फसल उत्पादकता में वृद्धि करना है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. पी.एल. शर्मा एवं डॉ. आर.के. शर्मा के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में यह प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि लाइन बुवाई पद्धति अपनाने से बीज की उचित मात्रा का उपयोग सुनिश्चित होता है। इसके अलावा पौधों की समान वृद्धि होती है तथा निराई-गुड़ाई, उर्वरक प्रबंधन और सिंचाई कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ फसल की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के दौरान किसानों को उन्नत किस्मों के चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग, खरपतवार नियंत्रण तथा फसल संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी प्रदान की गईं। किसानों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैज्ञानिक खेती की तकनीक अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।
इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, खंड परियोजना प्रबंधक मंडी, डॉ. हंसराज, कृषि विकास अधिकारी, जायका परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी, कृषक विकास संघ के पदाधिकारी, ग्राम पंचायत के प्रधान एवं उपप्रधान सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे।