कुल्लू, 11 मई, 2026
सीनियर सिटीज़न्स काउंसिल, कुल्लू ने परिषद द्वारा दायर जनहित याचिका में माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 08.05.2026 को पारित अंतरिम आदेश का स्वागत किया है, जिसमें माननीय न्यायालय ने संबंधित नेहरू पार्क के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला नगर परिषद, कुल्लू द्वारा नेहरू पार्क, सरवरी परिसर में कूड़ा प्रबंधन हेतु मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) स्थापित करने के निर्णय से संबंधित है। परिषद ने पार्क की सुरक्षा तथा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक हरित स्थल के रूप में उसके मूल स्वरूप के संरक्षण हेतु माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
लगभग पाँच बीघा भूमि में फैला नेहरू पार्क पिछले लगभग पाँच दशकों से कुल्लू नगर के प्रमुख मनोरंजन एवं पर्यावरणीय स्थलों में से एक रहा है। पार्क में कभी देवदार के वृक्ष, पुष्पीय पौधे, पगडंडियाँ, बेंचें, फव्वारे, एक तालाब तथा बच्चों के खेल उपकरण हुआ करते थे, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों एवं स्थानीय निवासियों के लिए एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करते थे।
काउंसिल ने कहा कि वर्षों से इस पार्क की उपेक्षा होती रही है तथा जन-विरोध के बावजूद इसके उपयोग को परिवर्तित अथवा अन्य प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल करने के बार-बार प्रयास किए जाते रहे हैं।
वर्ष 2018 में, जब पार्क के भीतर एक जलविद्युत परियोजना प्रस्तावित की गई थी, तब तत्कालीन उपायुक्त ने स्थल का निरीक्षण करने तथा विभिन्न पक्षों से चर्चा करने के उपरांत नगर परिषद को पार्क की वर्तमान प्रकृति एवं स्थिति को बनाए रखने तथा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के हित में इसे और विकसित करने के निर्देश दिए थे।
काउंसिल ने पार्क के भीतर गैर-मनोरंजनात्मक गतिविधियों से संबंधित प्रस्तावों का लगातार विरोध किया है, जिनमें एक वाणिज्यिक परिसर के निर्माण का प्रस्ताव तथा वर्तमान में पार्क क्षेत्र के भीतर MRF स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। परिषद ने यह चिंता भी व्यक्त की है कि मौजूदा कचरा प्रबंधन सुविधा के निकट कई देवदार वृक्ष पहले ही सूख चुके हैं तथा यदि प्रस्तावित परियोजना पार्क के भीतर स्थापित की जाती है तो आगे और पर्यावरणीय क्षति हो सकती है।
सीनियर सिटीज़न्स काउंसिल ने स्पष्ट किया कि वह नगर के लिए वैज्ञानिक एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन व्यवस्था का पूर्ण समर्थन करती है। तथापि, परिषद का मानना है कि ऐसी सुविधाएँ उपयुक्त वैकल्पिक स्थलों पर स्थापित की जानी चाहिएं, न कि कुल्लू के सीमित एवं मूल्यवान सार्वजनिक हरित स्थलों में से एक की कीमत पर।
काउंसिल ने आशा व्यक्त की कि इस पार्क का उचित संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं विकास वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों के हित में किया जाएगा।

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