काँगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने साफ किया है कि राज्य सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध न कराए जाने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। 11 फरवरी 2026 को संसद में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 369.82 एकड़ भूमि की मांग की है, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने यह भूमि उपलब्ध नहीं कराई है। राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति 2016 के तहत मुफ्त भूमि देना और विस्थापित परिवारों को मुआवज़ा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
इसी सत्र में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एक सकारात्मक खबर साझा की—युद्ध विधवाओं को ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) की सदस्यता के लिए एकमुश्त योगदान से पूरी छूट दी गई है। साथ ही, केन्द्रीय सैनिक बोर्ड द्वारा हवलदार या समकक्ष रैंक के पूर्व सैनिकों/युद्ध विधवाओं की दो बेटियों की शादी के लिए प्रति केस ₹1 लाख की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी और सैनिक परिवारों के लिए राहत—दोनों पर नज़र जरूरी है।

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