मंडी, 8 अप्रैल। मण्डी जिले में पशुधन को घातक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा विशेष टीकाकरण अभियान का शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से गायों और भैंसों को मुंह-खुर रोग से सुरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. मुकेश महाजन के अनुसार यह टीकाकरण कार्यक्रम 16 मई, 2026 तक पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर पशुओं को नि:शुल्क टीका लगाएंगे। उन्होंने बताया कि सुव्यवस्थित डेटा प्रबंधन के लिए सभी पशुओं का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल 'भारत पशुधन' पर अनिवार्य रूप से किया जा रहा है।
सावधानियां और लक्षण
उन्होंने बताया कि पशुपालक विभिन्न लक्षणों से बीमारी की पहचान कर सकते हैं। यदि पशु को तेज बुखार है, मुंह से अत्यधिक लार गिर रही है या जीभ और खुरों में घाव दिख रहे हैं, तो यह इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।
विभाग ने परामर्श दिया है कि संक्रमण फैलने से रोकने के लिए बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करें। नया पशु खरीदने के उपरांत उसकी पूर्ण जांच करवाएं और कुछ दिन अलग रखने के बाद ही उसे अपने झुंड में शामिल करें। पशुशाला की स्वच्छता व कीटाणुनाशक के छिड़काव का विशेष ध्यान रखें।
विशेष आग्रह
डॉ. मुकेश महाजन ने पशुपालकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे टीकाकरण और डेटा प्रबंधन की प्रक्रिया के दौरान अपेक्षित जानकारी साझा कर विभागीय अधिकारियों की आगे बढ़कर मदद करें। उन्होंने अपील की कि सभी पशुपालक आर्थिक नुकसान से बचने के लिए विभागीय टीम का पूर्ण सहयोग करें और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें।

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