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एंटी चिट्टा अभियान के तहत नूरपुर पुलिस की बड़ी सफलता, 48.30 लाख की संपत्ति जब्त



पहली बार नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति का कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त कर मकान किया सील

धर्मशाला, 4 नवम्बर: पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष एंटी चिट्टा अभियान के तहत नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर लगातार प्रभावी प्रहार किया जा रहा है। इसी कड़ी में नूरपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पीआईटी एंड एनडीपीएस एक्ट के तहत सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश में पहली बार नशा तस्करी से अर्जित जब्त संपत्ति का वास्तविक एवं कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 48.30 लाख रुपये  मूल्य की संपत्ति से संबंधित दो मंजिला आवासीय भवन का कब्जा प्राप्त कर उसे विधिवत सील किया गया है। पीआईटी एंड एनडीपीएस के तहत जब्त संपत्ति का वास्तविक कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त करने की सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश की यह पहली कार्रवाई है, जो नशा तस्करों के विरुद्ध वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, एसएएफईएम (एफओपी) एक्ट 1976 एवं एनडीपीएस एक्ट, 1985, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश के अनुसार शमशेर सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह, निवासी वार्ड नंबर-09, डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा की संपत्तियां जब्त की गई हैं।  इन संपत्तियों में गांव छन्नी, तहसील इंदौरा में दो मंजिला आवासीय भवन जिसका निर्धारित मूल्य 45,90,557 रुपये है के साथ ही नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित 2,40,440 रुपये की नकदी भी जब्त की गई है। इस प्रकार आवासीय भवन एवं नकद धनराशि सहित कुल 48,30,997 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली द्वारा 22 अक्तूबर 2026 को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत पारित आदेश के द्वारा थाना प्रभारी, पुलिस थाना डमटाल को जब्त संपत्ति का भौतिक कब्जा प्राप्त करने हेतु अधिकृत किया गया था, और आज 4 नबम्बर को को सक्षम प्राधिकारी के आदेशों की अनुपालना करते हुए मकान का निरीक्षण किया गया तथा आदेश में वर्णित संपत्ति का मौके पर मौजूद भवन से मिलान किया गया तथा उक्त मकान का कब्जा सुपुर्दगी पत्र के माध्यम से सरकार के पक्ष में प्राप्त किया गया।
नूरपुर पुलिस द्वारा चलाये जा रहे एंटी चिट्टा अभियान केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी एवं नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच एवं कानूनी जब्ती के माध्यम से तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में भी लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

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