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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर 'विकसित भारत' के निर्माण की कुंजी: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता



*'एक से श्रेष्ठ' पहल शिक्षा के माध्यम से 'विकसित भारत' के संकल्प को कर रही साकार

केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से आमजन के जीवन में दिख रहा सकारात्मक बदलाव: राज्यपाल

हमीरपुर, 1 सितंबर: राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध करवाना सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक शक्ति उसके बच्चों में निहित है और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि अथवा भौगोलिक स्थिति से परे प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, कौशल और अपनी प्रतिभा को निखारने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
राज्यपाल आज हमीरपुर में एक्ट टू ट्रांसफॉर्म फाउंडेशन द्वारा 'एक से श्रेष्ठ' पहल के पांच वर्ष पूर्ण होने तथा राज्य में इसके 650 केंद्रों की उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
श्री कविंद्र गुप्ता ने फाउंडेशन, शिक्षकों, समन्वयकों, स्वयंसेवकों एवं सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि 650 केंद्र केवल एक संख्या नहीं हैं, बल्कि ये सीखने, अवसर और आशा के 650 केंद्र हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 12,000 बच्चों तक शिक्षा एवं सीखने से संबंधित सहयोग पहुंचा है, जिससे उन्हें अधिक आत्मविश्वास और सम्मान के साथ अपनी शिक्षा जारी रखने में सहायता मिली है।
'विकसित भारत' की आधारशिला है शिक्षा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस नीति ने समग्र, समावेशी और ज्ञान आधारित शिक्षा व्यवस्था की दिशा में परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इसमें केवल रटने की बजाय ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और चरित्र निर्माण पर बल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पीएम श्री, निपुण भारत, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें देश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ कर रही हैं तथा बच्चों एवं युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध करवा रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि 'एक से श्रेष्ठ' जैसी पहलें सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से शिक्षा और सीखने का सहयोग जमीनी स्तर तक पहुंचाकर 'विकसित भारत' के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक एवं सार्थक बदलाव आया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे लोगों को आवश्यक सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास, स्वच्छ ईंधन, पेयजल और आजीविका के अवसरों तक बेहतर पहुंच मिली है।
उन्होंने कहा, "ये योजनाएं केवल लाभ पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम नागरिक के सम्मान, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का कार्य कर रही हैं।"
बच्चों के साथ महिलाओं का भी सशक्तिकरण
राज्यपाल ने 'एक से श्रेष्ठ' से जुड़े शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं दे रहे, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और सपने देखने का साहस भी विकसित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से लगभग 692 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं, जिनमें करीब 90 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं के लिए यह पहला रोजगार अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षा के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का भी प्रभावी उदाहरण है।
श्री गुप्ता ने बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ पुस्तकें, स्टेशनरी, स्कूल बैग, लैपटॉप, स्टडी टेबल, जूते और ट्रैकसूट उपलब्ध करवाने के प्रयासों की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, "ये सुविधाएं देखने में भले ही छोटी लगें, लेकिन एक बच्चे के लिए इनका संदेश बहुत बड़ा है—उसकी शिक्षा महत्वपूर्ण है, उसके सपने महत्वपूर्ण हैं और समाज को उसकी क्षमता पर विश्वास है।"
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस पहल से 12,000 से अधिक परिवारों को शिक्षा संबंधी खर्च में सामूहिक रूप से 5.40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। राज्यपाल ने कहा कि हालांकि इस उपलब्धि को केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं आंका जा सकता।
उन्होंने कहा, "इस पहल की वास्तविक उपलब्धि बच्चे के बढ़ते आत्मविश्वास, माता-पिता की कम होती चिंता, शिक्षक की गरिमा और परिवार में बेहतर भविष्य की उम्मीद में निहित है।"
राज्यपाल ने 'एक से श्रेष्ठ' और एक्ट टू ट्रांसफॉर्म फाउंडेशन को पांच वर्ष की सेवा यात्रा तथा 650 केंद्रों की उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब संकल्प स्पष्ट हो, नीयत नेक हो और समाज एकजुट होकर आगे बढ़े, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े और स्थायी सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षित, कुशल और सशक्त बच्चे 'विकसित भारत' के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, "हर बच्चे की सफलता अंततः राष्ट्र की सफलता है।"
बाद में राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने सांसद श्री अनुराग ठाकुर के साथ विद्यार्थियों को लैपटॉप, स्कूल बैग और अन्य स्टेशनरी सामग्री वितरित की।
इससे पूर्व सांसद श्री अनुराग ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा एक्ट टू ट्रांसफॉर्म फाउंडेशन की 'एक से श्रेष्ठ' पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रीमती उर्मिल ठाकुर, श्री नरेंद्र ठाकुर, श्री विजय अग्निहोत्री, डॉ. अनिल धीमान एवं श्रीमती कमलेश कुमारी, एडीसी श्री अभिषेक गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री बलवीर सिंह, एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एच.एन. सूर्यवंशी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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