*सावधानी बरतें, सर्पदंश की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें - डॉ. संजीव वर्मा*
ऊना, 1 सितंबर। ज़िला में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ऊना ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव वर्मा ने कहा कि बारिश के दौरान जहरीले सांपों के बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय तथा खेतों, झाड़ियों, लकड़ी या घास के आसपास काम करते समय सतर्कता बरतना आवश्यक है।
सीएमओ ने बताया कि सांप के काटने को सर्पदंश कहा जाता है। सर्पदंश की स्थिति में घाव, तेज जलन, उल्टी, मिचली, पसीना आना, चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी, पलकों का गिरना, नजर धुंधली होना अथवा काटे गए स्थान पर दर्द व सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सर्पदंश गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
*सर्पदंश से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां*
डॉ. संजीव वर्मा ने लोगों से अपील की कि जिन स्थानों पर सांप होने की आशंका हो, वहां लंबी घास, झाड़ियों, लकड़ी या पत्थरों के बीच हाथ न डालें। खेतों अथवा अन्य स्थानों पर कार्य करते समय लंबे और मजबूत जूते पहनें तथा बाजुओं और टांगों को ढककर रखें। रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बरसात के दौरान अंधेरे में नंगे पांव न चलें तथा जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें।
उन्होंने कहा कि घरों एवं आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखें और झाड़ियों तथा अनावश्यक कचरे को हटाते रहें, ताकि सांपों के छिपने की संभावना कम हो सके।
*सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाएं*
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं और समय न गंवाएं। पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें तथा प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। इसके बाद तुरंत एंबुलेंस सेवा 108 को कॉल करें अथवा पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में ले जाएं।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक, घरेलू उपचार या घाव को काटने जैसी प्रक्रिया में समय न गंवाएं। समय पर चिकित्सकीय उपचार ही पीड़ित की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
*स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम*
डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम ऊना जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल अस्पतालों तथा क्षेत्रीय अस्पताल में उपलब्ध है। स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा आवश्यकता के अनुसार प्रदान की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को बिना देरी किए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाएं, ताकि चिकित्सकों द्वारा आवश्यक उपचार समय पर शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सतर्कता, समय पर चिकित्सा सहायता और सही उपचार सर्पदंश से होने वाले गंभीर परिणामों को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। बरसात के मौसम में सभी नागरिक सावधानी बरतें और सर्पदंश से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग की सहायता लें।

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