कसोल स्थित वन विश्राम गृह में आज उपायुक्त एवम् सह-अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर की अध्यक्षता में नशा निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक, कुल्लू अभिषेक सेकर सहित पुलिस एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, वन विभाग, राज्य कर एवं आबकारी विभाग, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचायती राज संस्थाओं, होटल एवं होम-स्टे प्रतिनिधियों तथा स्थानीय पंचायतों, महिला मंडलों, युवा मंडलों एवं अन्य सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में मणिकरण-कसोल घाटी में मादक पदार्थों एवं मन: प्रभावी पदार्थों के अवैध सेवन, बिक्री, तस्करी एवं वितरण की रोकथाम तथा क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के बीच उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से अवैध/अनधिकृत म्यूजिक पार्टी एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन तथा ऐसे आयोजनों में मादक पदार्थों के सेवन एवं उपलब्धता को गंभीरता से लिया गया। आयोजनों के लिए आवश्यक अनुमति एवं वैधानिक स्वीकृतियों, ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों तथा कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन पर बल दिया गया।
बैठक में ध्वनि नियंत्रण एवं साउंड रेगुलेशन के संबंध में भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित विभागों एवं आयोजनकर्ताओं द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
क्षेत्र में आने वाले प्रवासी श्रमिकों, विशेषकर नेपाली मूल के श्रमिकों, के संबंध में भी चर्चा की गई। उनके क्षेत्र में आने का उद्देश्य, नियोजक एवं निवास संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध रखने तथा लागू नियमों के अनुरूप सत्यापन एवं अभिलेख संधारण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में होटल एवं होम-स्टे संचालकों/प्रतिनिधियों को C-Form भरने की अनिवार्यता के संबंध में भी विस्तृत रूप से अवगत करवाया गया तथा सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश/आह्वान किया गया।
बैठक के दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवा मंडलों, होटल व्यवसायियों एवं अन्य प्रतिभागियों से नशे से संबंधित गतिविधियों, अवैध पार्टियों, संदिग्ध व्यक्तियों एवं अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के संबंध में विस्तृत सुझाव एवं स्थानीय जानकारी प्राप्त की गई। स्थानीय लोगों से आग्रह किया गया कि वे क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, बिक्री अथवा वितरण से संबंधित किसी भी सूचना को पुलिस अथवा संबंधित विभागों के साथ साझा करें। उन्हें आश्वस्त किया गया कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नशे के आदी व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास के विषय पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों द्वारा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने पर बल दिया गया।
बैठक में कसोल-मनिकरण घाटी की यातायात व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते यातायात, पार्किंग, जाम एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित समस्याओं को प्रतिभागियों द्वारा उठाया गया। पुलिस अधीक्षक, कुल्लू द्वारा यातायात संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रभावी कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।
इसके अतिरिक्त घाटी में कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा वन प्रबंधन से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने तथा पर्यटन गतिविधियों के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए विभागीय एवं सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
वन विभाग द्वारा अवगत करवाया गया कि पुलिस एवं वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से घाटी में लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध रूप से की गई भांग/कैनाबिस की खेती को नष्ट किया जा चुका है। विभाग द्वारा बताया गया कि अवैध कैनाबिस खेती के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान 15 सितंबर तक और अधिक प्रभावी रूप से जारी रखते हुए अधिकतम अवैध खेती को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में सभी विभागों एवं स्थानीय हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय एवं नियमित सूचना- साझाकरण तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी। यह भी निर्णय लिया गया कि इस प्रकार की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि क्षेत्र में उभरती चुनौतियों की समयबद्ध समीक्षा की जा सके और आवश्यक निवारक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के अंत में सभी हितधारकों ने कसोल-मनिकरण घाटी को नशामुक्त, सुरक्षित, स्वच्छ एवं जिम्मेदार पर्यटन के आदर्श गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। स्थानीय जनता, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवा मंडलों, होटल एवं होम-स्टे संचालकों तथा अन्य सभी हितधारकों से अपील की गई कि वे नशे के विरुद्ध अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभागों को दें।
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