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मंडी में हर्षोल्लास से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह



 मंडी, 15 अगस्त। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज यहां सेरी मंच पर आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने ध्वजारोहण कर परेड का निरीक्षण किया और पुलिस, गृह रक्षक वाहिनी, एनसीसी, एनएसएस और स्काऊट एंड गाइड के भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली। इससे पहले उन्होंने इंदिरा मार्केट परिसर में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के प्रति राष्ट्र सदैव कृतज्ञ रहेगा जिन्होंने हमारी आजादी और खुशहाल भविष्य के लिए अपना सर्वस्व त्याग किया। उन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग एवं बलिदान के फलस्वरूप देश आज प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हिमाचल ने भी स्वाधीनता आंदोलन और देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानियों, उनके आश्रितों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

ग्रीन पंचायत कार्यक्रम के तहत सौर ऊर्जा से जगमगाएंगी पंचायतें

पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रीन पंचायत कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें सभी पंचायतों में 500 किलोवाट की ग्राऊंड माऊंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाई जा रही हैं। इन परियोजनाओं से होने वाली आय का 25 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ग्राम पंचायतों के अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने पेखूबेला, भंजाल और अघलौर सहित विभिन्न सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण रिकॉर्ड अवधि में पूरा किया है।

हिमाचल प्रदेश चरागाह नीति-2026 से 40 हजार परिवार होंगे लाभान्वित

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपए प्रति लीटर और भैंस के दूध का खरीद मूल्य 71 रुपए प्रति लीटर किया गया है। मंडी जिला में भी करीब 21 हजार दुग्ध उत्पादक परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। पशुपालक समुदायों की आजीविका मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश चरागाह नीति-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 300 करोड़ रुपए के समर्पित कार्यक्रम को भी स्वीकृति दी गई है जिससे 40 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा।

कृषि-बागवानी से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। प्राकृतिक खेती से उगाए गेहूं पर समर्थन मूल्य बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलोग्राम किया गया है, जबकि मक्की के लिए 50 रुपए, कच्ची हल्दी का 150 रुपए, अदरक के लिए पहली बार 30 रुपए तथा पांगी घाटी के जौ के लिए 80 रुपए समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। मंडी जिला में भी इस योजना का लाभ किसानों को मिला है और गत दो वर्षों में 1041 क्विंटल मक्का, 644 क्विंटल गेहूं तथा लगभग 233 क्विंटल हल्दी की खरीद जिला में की गई है।

उन्होंने कहा कि बागवानी विकास के लिए एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण में 2612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। मंडी जिला में भी परियोजना के प्रथम चरण में 93 क्लस्टर स्थापित कर करीब 997 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर कर 3920 किसानों को लाभान्वित किया गया। जिला में बागवानी विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के तहत आठ हजार से अधिक किसानों को लगभग 69 करोड़ रुपए के लाभ प्रदान किए गए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बागवानी क्षेत्र में सुधारों को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। इसके लिए 1292 करोड़ रुपए के निवेश से सात जिलों में छह हजार हैक्टेयर क्षेत्र में व्यापक बागवानी नीति लागू की जा रही है। इसके तहत 82 हजार से अधिक बागवानों को लाभान्वित करते हुए 60 लाख पौधे लगाने और वर्ष 2032 तक 1.30 लाख मिट्रिक टन अतिरिक्त फल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

जिला में विकास कार्यों पर 517 करोड़ रुपए व्यय होंगे

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर आधारभूत ढांचा सुदृढ़ करने के लिए गत साढ़े तीन सालों में सशक्त कदम उठाए गए हैं। जिला मंडी में इस दौरान 225 पंचायत भवनों व सामुदायिक केंद्रों के निर्माण पर लगभग 15 करोड़ रुपए व्यय किए गए। विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत इस वित्त वर्ष में जिला में विकास कार्यों पर 517 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण के अंतर्गत लगभग दो करोड़ रुपए व्यय किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला में 1236 स्वयं सहायता समूहों को करीब 25.79 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1091 घरों के निर्माण पर 6.37 करोड़ रुपए व्यय किए गए।

अपना पुस्तकालय-अध्ययन कक्ष पहल की शुरूआत

इस अवसर पर पंचायतीराज मंत्री ने मंडी जिला में अपना पुस्तकालय-अध्ययन कक्ष पहल की शुरूआत की। इस पहल के तहत जिला में डी-नोटिफाई किए गए 55 विद्यालय भवनों में "अपना पुस्तकालय" अध्ययन कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को इससे लाभ मिलेगा और इन सार्वजनिक भवनों का उचित रखरखाव और देखभाल भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग इस पहल में अपना पूर्ण सहयोग करेगा। स्थानीय ग्राम पंचायतों को यह भवन हस्तांतरित किए गए हैं और संबंधित ग्राम पंचायतें अपना पुस्तकालय (अध्ययन कक्षों) के प्रबंधन, संचालन और रखरखाव के लिए उत्तरदायी होंगी।

नशामुक्ति पर दिलाई शपथ

उन्होंने जिला में संचालित चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान पर संतोष जताते हुए कहा कि इसके तहत पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। मंडी जिला में 24 उच्च जोखिम वाली ग्राम पंचायतों में विशेष एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। समारोह के दौरान नशामुक्ति पर शपथ भी दिलाई गई। विभिन्न शैक्षणिक व सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही वीडियो गीत तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा तैयार वृत्तचित्र भी प्रसारित किए गए।

पंचायतीराज मंत्री ने इससे पहले इंदिरा मार्केट परिसर में शहीद स्मारक के समीप एक पेड़ मां के नाम मुहिम के तहत एरोकिरया का पौधा भी रोपित किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं, परेड में शामिल टुकड़ियों व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले दलों को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर सेनानियों के आश्रित, वीर नारियां व पूर्व सैनिक, पूर्व मंत्री एवं विधायक अनिल शर्मा, विधायक इंद्र सिंह गांधी, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल, राज्य अनुसूचित जाति जनजाति निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, एचपीएमसी के निदेशक मंडल सदस्य जोगेंद्र गुलेरिया, नगर निगम की महापौर सुमन ठाकुर, पार्षदगण, उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी, मंडलायुक्त आर.के. प्रूथी, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तोष कुमार, सेवादल व अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों सहित पंचायतीराज संस्थाओं, शहरी निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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