सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्रायोजित तथा जिला रेडक्रॉस कुल्लू द्वारा संचालित जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र कुल्लू की ओर से भुंतर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतों—भरेंण, रतोचा, चौंग और पुंथल—में दिव्यांगजनों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए विशेष शिविर आयोजित किए गए।
सहायक आयुक्त डॉ. जयवंती ठाकुर ने बताया कि 13, 14, 19 और 20 अगस्त 2026 को आयोजित इन शिविरों में कुल 155 दिव्यांगजनों ने पंजीकरण करवाया, जबकि 104 दिव्यांगजन शिविरों में उपस्थित हुए।
उन्होंने बताया कि शिविरों 9 व्यक्तियों का मौके पर ही मेडिकल आकलन किया गया। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक व्यक्ति को व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा एक मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति को लीगल गार्जियनशिप के लिए चिह्नित किया गया। इसके अतिरिक्त, स्कूल जाने वाले एक बच्चे की छात्रवृत्ति का केस भी मौके पर तैयार किया गया।
शिविरों में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए भी कागज तैयार किए गए। इस दौरान 24 व्यक्तियों की ऑडियोमेट्री जांच की गई, जिसके आधार पर 19 वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र, 27 वरिष्ठ एवं दिव्यांग नागरिकों के लिए वॉकिंग स्टिक तथा तीन दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर के उपलब्ध करवाने के लिये स्वीकृति प्रदान की गई।
शिविरों के दौरान उपस्थित दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। साथ ही, दिव्यांगता की शीघ्र पहचान, रोकथाम एवं पुनर्वास से संबंधित उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
सहायक आयुक्त ने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके घर-द्वार के समीप आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाना तथा उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ना है, ताकि वे अधिक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन सकें।
शिविरों को सफल बनाने में जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र कुल्लू के स्टाफ के साथ-साथ संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव, पंचायत सदस्य, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

0 Comments