धर्मशाला, 27 जुलाई: अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय, धर्मशाला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अंतर्गत विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले में एनजीटी के तहत गठित विभिन्न समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि एनजीटी के नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग अपने कार्यक्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी प्रावधानों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, ई-वेस्ट तथा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
विनय कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं से उत्पन्न होने वाले जैव-चिकित्सा अपशिष्ट की मात्रा, उसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था तथा बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त जिले में संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली तथा निर्माणाधीन एसटीपी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता राहुल शर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति से अवगत कराया।

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