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जलवायु परिवर्तन का सबसे प्रभावी समाधान जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षणः राज्यपाल



राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि समूचा विश्व विश्व जलवायु परिवर्तन, तापमान में वृद्धि और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन वैश्विक समस्याओं का सबसे सरल और प्रभावी समाधान व्यापक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित कर पौधरोपण अभियानों का संचालन करना है।  
राज्यपाल आज शिमला के निकट जतोग छावनी क्षेत्र में प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित 'एक पेड़ मां के नाम' पौधरोपण अभियान के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने छावनी परिसर में 'अराउकारिया' का पौधा रोपित कर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी, केंद्रीय विद्यालय जतोग और जतोग छावनी बोर्ड को इस अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान केवल एक पौधरोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और राष्ट्रीय जन आंदोलन है। यह भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रतिबिंबित कर प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता के भाव को व्यक्त कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार एक मां हमें प्रेम, स्नेह, सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी हमें स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, छाया, फल तथा पर्यावरणीय संतुलन देकर जीवन का आधार बनते हैं। अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाना जीवन और प्रकृति दोनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सार्थक माध्यम है।
भारत की समृद्ध पर्यावरणीय परंपरा का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने सदैव प्रकृति को पूजनीय माना है। वेदों और उपनिषदों में पृथ्वी को मां का दर्जा तथा वृक्षों को जीवनदाता बताया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक पेड़ मां के नाम अभियान आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने वन संपदा, हिमालय की पर्वतमालाओं, नदियों तथा समृद्ध जैव विविधता से नवाजा है। यह राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसकी रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत बनने का आह्वान क्योंकि वे भारत के भविष्य निर्माता हैं। पौधरोपण के साथ-साथ हमें उनकी नियमित देखभाल करने और उन्हें स्वस्थ वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभियान की वास्तविक सफलता प्रत्येक लगाए गए पौधे के जीवित रहने की प्रतिशतता में निहित है।
 लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूकता और ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा हरित पहल को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केन्द्र में रखकर सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप विकास गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधा गोद लेकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाए, जिससे लगाए गए प्रत्येक वृक्ष का संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि तीव्र शहरीकरण और वनों के घटते क्षेत्रफल के कारण जंगली जानवर मानव बस्तियों के निकट आने को विवश हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण का महत्व और भी बढ़ गया है।
राज्यपाल ने बाद में जतोग छावनी संग्रहालय का अवलोकन किया जहां यहां कमांडिंग ऑफिसर द्वारा राज्यपाल को सम्मानित किया।
प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष हिमेश शर्मा ने राज्यपाल को सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्टेशन कमांडर जतोग ब्रिगेडियर इंद्रवीर राणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जतोग छावनी निशांत गुप्ता, कमांडिंग अधिकारी, 1 जेएके राइफल्स कर्नल सचिन कुमार, केंद्रीय विद्यालय जतोग के प्रधानाचार्य मोहित कुमार, विद्यालय के छात्र-छात्राएं तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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