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जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित



 चंबा, 20 जुलाई 

उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल कि अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों, सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम तथा संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं से पीड़ित लोगों को प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत निर्धारित सहायता एवं निःशुल्क उपचार सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित किया जाए व दुर्घटना के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्र व्यक्तियों को समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। यह सुविधा सरकारी व सरकार द्वारा एम्पैनल्ड प्राइवेट हॉस्पिटल में भी उपलब्ध है। जिला चम्बा में इस योजना के अंतर्गत अब तक 13 दुर्घटना पीड़ितों को सहायता एवं उपचार सुविधा का लाभ प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि वे इस योजना के प्रति जागरूक हों और दुर्घटना की स्थिति में उपलब्ध इस सुविधा का लाभ उठाएं।

उन्होंने जिले में विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सभी विद्यालयों से संबद्ध वाहनों एवं निजी वाहनों का संबंधित विभागों के माध्यम से पूर्ण विवरण एकत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने वाले वाहनों को ही विद्यार्थियों के परिवहन की अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही, उन्होंने विद्यालयों में चल रहे अवकाश के दौरान वाहन चालकों को आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालय खुलने के उपरांत विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के वाहनों के परिचालन पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ में उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने तथा बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग सहित ज़िले की सभी सड़कों के किनारे होने वाली अनाधिकृत पार्किंग के मामलों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ में सड़कों के साथ लगते स्कूलों के समीप स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड स्थापित करने को लेकर भी संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। 
इस दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी द्वारा संचालित डेटा-ड्रिवन हाइपरलोकल इंटरवेंशन (डीडीएचआई) कार्यक्रम पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के तहत सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक उपायों को लागू करने पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्ययोजना का समन्वित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजीव कुमार, अधिशाषी अभियंता कनव बडोत्रा, चिकित्सा विभाग से डॉ. सुरेश , नोडल अधिकारी आईआरएडी डॉ. कृतिका गर्ग, सहायक अभियंता वीरेंद्र ठाकुर, उप मंडलीय प्रबंधक शुगल सिंह, आईआरएडी-डीआरएम एनआईसी पंकज चौहान सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। 

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