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राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए



प्रौद्योगिकी का उपयोग जनहित में करने तथा रोजगार प्रदाता के रूप में पहचान बनाने का किया आहवान


राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी), वाकनाघाट के 7वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर मेधावियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक तथा अन्य शैक्षणिक पुरस्कार प्रदान किए गए।
दीक्षांत समारोह में 1,966 बी.टेक., 3 इंटीग्रेटिड एम.टेक., 69 एम.टेक., 116 एम.एससी. तथा 90 पीएच.डी. की 2,244 डिग्रियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उत्कृष्टता के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने रजत जयंती को एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों के सपनों, शिक्षकों के समर्पण तथा हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के उल्लेखनीय योगदान का प्रतीक है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने उन्हें चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने तथा सफलता को मंजिल नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत मानने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, एआई, डिजिटल इंडिया और इंडस्ट्री  4.0 के इस युग में प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने जेयूआईटी के विद्यार्थियों द्वारा विकसित एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य सहायता चैटबॉट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि नवाचार के माध्यम से समाज की वास्तविक आवश्यकताओं का समाधान किया जा सकता है।
राज्यपाल ने अनुसंधानकर्ताओें और युवा नवोन्मेषकों का आहवान किया कि वे पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट चुनौतियों, जैसे आपदा प्रबंधन, सतत कृषि तथा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधान विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध औषधीय गुणवत्ता से युक्त जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों पर वैज्ञानिक अनुसंधान करने का भी आहवान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार स्थानीय किसानों के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित कर सकते हैं।
सतत विकास पर बल देते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने वाले प्रत्येक इंजिनियर और पेशेवर को अपने कार्यों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, जल संसाधनों के संरक्षण तथा प्रकृति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विकास सुनिश्चित करने का आहवान किया।
डिग्री एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाएं इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय की छात्राएं विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
राज्यपाल ने कहा कि जेयूआईटी ने देश और दुनिया के लिए कुशल और निपुण पेशेवर तैयार किए हैं। उन्होंने स्नातकों से रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार प्रदाता के रूप में स्थापित होने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमिता की भावना हिमाचल प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगी।
इससे पूर्व, कुलपति प्रो. आर.के. शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्लेसमेंट, पेटेंट, शोध प्रकाशनों, स्टार्टअप इकोसिस्टम तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक साई दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल एवं अकादमिक काउंसिल के विशिष्ट सदस्य, शिक्षकगण, पूर्व छात्र, स्नातक विद्यार्थी अभिभावक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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