नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति प्रदान करने का किया आग्रह
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार सायं लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भेंट की।
जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल से जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही वर्ष 2023 में नौतोड़ भूमि आवंटन को लेकर जनजातीय क्षेत्रों में वन संरक्षण अधिनियम 1980 को हटाने का आग्रह किया था।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति संविधान के शेड्यूल 5 के अंतर्गत राज्यपाल के पास निहित है।
उन्होंने आग्रह किया कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 को निरस्त किया जाए ताकि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र की युवा पीढ़ी को नौतोड़ भूमि का लाभ मिल सके।
उन्होंने अवगत करवाया कि प्रदेश में वर्ष 2014, 2016, और 2018 में एफसीए 1980 को निरस्त किया गया था, जिससे काफी लोगों को लाभ मिला था।
जगत सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों के पास भूमि बहुत कम है और रोजगार की तलाश में लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने और पलायन रोकने के लिए पात्र लोगों को नौतोड़ भूमि आबंटित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ वन भूमि के तहत पात्र परिवारों को 20 बीघा तक भूमि दी जा सकती है।
राज्यपाल ने इस विषय पर गंभीरता से चर्चा की और जल्द उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

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