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अदब, संस्कृति और शायरी का संगम बना गेयटी थिएटर का मुशायरा




संस्कृति संरक्षण में साहित्यकारों की भूमिका अतुलनीय — अनुपम कश्यप


अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव 2026 के तहत आज गेयटी थिएटर के सम्मेलन कक्ष में मुशायरा आयोजित किया गया जिसमें प्रदेश के 17 नामी कवियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त एवं अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और सभी कवियों को सम्मानित किया।
उपायुक्त ने कहा कि इस मुशायरा में ज्ञान और संस्कृति की बातें हुई जोकि बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि संस्कृति को बचाने में कवि और साहित्यकार जो योगदान दे रहे हैं उसका कोई मुक़ाबला नहीं है। हम हमेशा बात करते हैं अपनी संस्कृति को बचाने की और सब प्रयास भी करते हैं। इसी कड़ी में यह निर्णय लिया गया कि इस अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के माध्यम से ऐसे साहित्यकारों और कवियों को जोड़ा जाए जो हमारी संस्कृति को संजोये रखने के लिए प्रयासरत हैं।
इस दौरान साहित्यकारों ने उपायुक्त को अपनी पुस्तकें भी भेंट की।
मुशायरा कवि सम्मेलन में अध्यक्षीय मंडल में सेवानिवृत्त आई.ए.एस अधिकारी डॉ. विनोद प्रकाश शुक्ल, द्विजेंद्र द्विज और जाहिद अबरोल उपस्थित रहे।

इसके अलावा धर्मशाला से रमेश डढवाल, अर्की से कुलदीप गर्ग तरुण, नाहन से अनंत आलोक, बैजनाथ से विकास राणा, शिमला से रजनीश्वर चौहान, नाहन से जावेद उल्फ़त, धर्मशाला से नवनीत शर्मा, कांगड़ा से प्रताप जरयाल, नगरोटा से पवनेंद्र पवन, शिमला से नरेश देओग, शिमला से सुमित राज सुमित, बदी से सतपाल ख्याल, शिमला से कार्तिक शर्मा व सुजानपुर से शाहिद अंजुम ने मुशायरा कवि सम्मेलन में भाग लिया और अपने शेयरों के माध्यम से शायराना माहौल स्थापित किया। 

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