धर्मशााला, 8 जून: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केन्द्र धर्मशाला में आज गणित एवं अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान मेें दो दिवसीय अंतर विषयी गणित और अर्थशास्त्र, अनुप्रयोग और चुनौतियाँ शीर्षक पर आधारित पीएम उषा द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्यातिथि के रूप में डीआईजी नोर्थन रेंज सौम्या साम्बशिवन ने शिरकत की। सौम्या साम्बशिवन ने अपने संबोधन में गणित और अर्थशास्त्र दोनों विषयों पर अपने गुणात्मक विचार प्रस्तुत किये।
इसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केन्द्र धर्मशाला के निदेशक एवं सम्मेलन निदेशक प्रो. कुलदीप कुमार अत्री, सम्मेलन सलाहकार प्रो. डी.पी. वर्मा, सयोंजक डाॅ. तिलकराज शर्मा, सह संयोजक डाॅ. विजयता पठानिया, डाॅ. रामरतन और आयोजन सचिव डाॅ. श्वेता पठानिया, डाॅ. कंचन बाला तथा स्टाफ के सभी सदस्यों सहित गणित और अर्थशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर क्षेत्रीय केन्द्र के निदेशक प्रो. कुलदीप कुमार अत्री ने मुख्यातिथि सहित समस्त गणमान्य महानुभावों, सभी प्रतिभागियों और शोधार्थियों का स्वागत किया। मंचसंचालन डाॅ. श्वेता पठानिया और शोधार्थी मंजू ठाकुर ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई तदोपरांत सम्मेलन गणित विभाग के डाॅ. तिलकराज शर्मा ने कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया की इस सम्मेलन में लगभग 350 प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण करवाया है और 127 प्रतिभागियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किये हैं जिसमे देश विदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के 220 विद्यार्थियोंने भाग लिया। इसके बाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के अर्थशास्त्री प्रो. अश्वनी कुमार नन्दा ने मुख्य बीजवक्ता के रूप में शिरक्त की। उन्होंने आर्थिक पूर्वानुमान, वित्तीय बाजारों के विश्लेषण, जोखिम प्रबंधन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, मशीन लर्निंग तथा बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में गणितीय माॅडलों के उपयोग पर प्रकाश डाला और कहा कि वर्तमान समय में जटिल आर्थिक समस्याओं के समाधान हेतु अंतर्विषयक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें आर्थिक विकास, डिजिटल वित्त, सांख्यिकीय माॅडलिंग, पर्यावरणीय अर्थशास्त्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाॅटा विश्लेषण तथा सतत् विकास से संबंधित विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने गणितीय उपकरणों और आर्थिक सिद्धांतों के समन्वय से उत्पन्न नई संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शोध संस्थानों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन का उद्देश्य गणित एवं अर्थशास्त्र के मध्य बढ़ते अंतर्संबंधों, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा समकालीन चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम के अंत में डाॅ. किशोर कुमार ने मुख्यातिथि, बीजवक्ता और बाहर से आये हुए सभी गणमान्य महानुभावों तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केन्द्र धर्मशाला के निदेशक प्रो. कुलदीप कुमार अत्री, अपनी पूरी टीम सहित स्टाफ के सभी सदस्यों और विद्यार्थियों का कार्यक्रम में सहयोग करने और बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए धन्यवाद किया।

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