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राज्यपाल ने प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता सिस्टर शिवानी के ध्यान प्रवचन कार्यक्रम की अध्यक्षता की



ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आध्यात्मिक जागृति और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की सराहना की


राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज शिमला में प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता सिस्टर शिवानी के ध्यान एवं प्रवचन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा आध्यात्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, आंतरिक शांति तथा समाज कल्याण के क्षेत्र में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्था वर्षों से सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मूल्य-आधारित जीवनशैली को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि आज की तेज रफ्तार दुनिया में भौतिक सफलता की दौड़ में अनेक लोग तनाव, चिंता और असंतोष का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी लोगों को ध्यान, आत्मचिंतन और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से आत्म-जागरूकता विकसित करने में सहायता करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
श्री गुप्ता ने सिस्टर शिवानी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके सरल, व्यावहारिक और प्रेरणादायक संदेशों ने भारत सहित विश्वभर में लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा सिस्टर शिवानी की शिक्षाएं हमें यह याद दिलाती है कि वास्तविक खुशी बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती। यह हमारे विचारों, मूल्यों और जीवन के प्रति हमारे दृष्टिकोण से उत्पन्न होती है। आज की व्यस्त जीवनशैली में यह संदेश विशेष रूप से प्रासंगिक है।
राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने पारिवारिक संबंधों, प्रभावी संवाद, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, आत्म-सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवा वर्ग इन शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास, अनुशासन और मजबूत नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जी सकता है।
राज्यपाल ने आध्यात्मिकता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जो व्यक्ति भीतर से शांत और सशक्त होते हैं, वे समाज और राष्ट्र निर्माण में अधिक सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता सद्भाव, सहिष्णुता, करुणा और साझा उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देती है।
इससे पूर्व, सिस्टर शिवानी ने राज्यपाल को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने भी सिस्टर शिवानी को हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पंथाघाटी की बीके सुनीता बहन ने कार्यक्रम में राज्यपाल का स्वागत किया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया, अन्य गणमान्य, श्रद्धालु तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी उपस्थित रहे।

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