ऊना, 2 जून. बरसात की रातों में कच्चे मकान की टपकती छत के नीचे बच्चों की सुरक्षा की चिंता में कई रातें जागकर बिताने वाली मनजीत कौर के जीवन में अब उम्मीद की नई सुबह आई है। वर्षों से संजोया गया पक्के घर का सपना अब साकार होने की राह पर है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की जनकल्याणकारी सोच के अनुरूप हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री एकल आवास योजना के तहत मिली सहायता ने विकास खंड हरोली की ग्राम पंचायत सलोह की 48 वर्षीय मनजीत कौर को अपने परिवार के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना बनाने का संबल दिया है। आर्थिक तंगी के कारण जो सपना कभी दूर नजर आता था, वह आज धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहा है।
मनजीत कौर बताती हैं कि करीब आठ वर्ष पूर्व पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो बेटों की परवरिश, उनकी पढ़ाई और घर-गृहस्थी चलाने का संघर्ष उनके जीवन का हिस्सा बन गया। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने मनरेगा और दिहाड़ी मजदूरी के सहारे परिवार का पालन-पोषण किया।मनजीत कौर बताती हैं कि लंबे समय तक उनका परिवार एक कच्चे मकान में रहा, जहां विशेषकर बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार बारिश की रातें चिंता और बेचैनी में गुजरती थीं। ऐसे में पक्का घर बनाना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे अपने दम पर मकान का निर्माण कर पातीं।
उन्होंने बताया कि मनरेगा में कार्य करने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि 90 दिन या उससे अधिक कार्य करने वाले श्रमिक हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवाने के पात्र होते हैं। वे मनरेगा के तहत 90 दिनों से अधिक कार्य कर चुकी थीं, इसलिए उन्होंने बोर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया। पंजीकरण के बाद उन्हें बोर्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री एकल नारी आवास योजना के तहत सहायता स्वीकृत हुई, जिससे उनके पक्के घर के निर्माण का सपना साकार हो रहा है।
मकान निर्माण के लिए उन्हें अब तक एक लाख रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में मकान का लेंटर डालने का कार्य प्रगति पर है। निर्माण के अगले चरण में उन्हें एक लाख रुपये की दूसरी किस्त प्रदान की जाएगी, जबकि मकान पूर्ण होने पर 50-50 हजार रुपये की दो अतिरिक्त किस्तें भी जारी की जाएंगी। इस प्रकार चरणबद्ध रूप से मिल रही वित्तीय सहायता उनके घर के निर्माण कार्य को निरंतर गति दे रही है।
मनजीत कौर कहती हैं कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं ने उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों को नई उम्मीद दी है। उनका कहना है कि जिस पक्के घर की कल्पना कभी दूर-दूर तक संभव नहीं लगती थी, आज उसका निर्माण उनकी आंखों के सामने हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री तथा प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
वहीं, जिला श्रम कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि जिला ऊना में अब तक 1,166 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 6.26 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह सहायता शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सुरक्षा, विवाह सहायता तथा आवास निर्माण जैसी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है।
सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध प्रयास
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर का कहना है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में बोर्ड श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए पंजीकरण, नवीनीकरण तथा जागरूकता संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बात को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार श्रमिक वर्ग को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। बोर्ड की योजनाएं आर्थिक सहायता के साथ-साथ श्रमिक परिवारों के लिए गरिमापूर्ण जीवन और उज्ज्वल भविष्य का आधार बन रही हैं।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक एवं जरूरतमंद परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद प्रदान कर रही हैं।

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