उन्होंने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभाग पेजयल एवं सिंचाई योजनाओं के सफल संचालन की दिशा में कार्य कर रहा है। विभाग जल प्रबन्धन को मजबूत करने के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित रणनीति को केन्द्र में रखकर कार्य कर रहा है। विभाग द्वारा प्रस्तुत उपयोगिता प्रमाण पत्रों की संख्या में भी 201 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में 119 करोड़ रुपये की 388 योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। विभाग के प्रभावी वित्तीय प्रबन्धन, समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन के फलस्वरूप राज्य में अब लम्बित योजनाओं की प्रतिशतता 54.25 प्रतिशत कम हो गई है।
डॉ. जैन ने कहा कि प्रदेश में निष्क्रिय पड़ी योजनाओं को शुरू करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई है। आगामी चार माह में 62 योजनाओं को क्रियाशील किया जाएगा। इनमें जून में 30, जुलाई में 13, अगस्त में 10 और सितम्बर में 9 योजनाओं को क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, लम्बित योजनाओं को चालू करने के लिए विभाग द्वारा बिजली बोर्ड को 48.89 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
सचिव जल शक्ति ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश राज्य बोर्ड के साथ निरन्तर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हर 15 दिनों में विभिन्न पेजयल एवं सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
बैठक में प्रमुख अभियन्ता अंजू शर्मा, विद्युत बोर्ड के प्रबन्ध निदेशक आदित्य नेगी, मुख्य अभियन्ता राकेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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