धर्मशाला, 29 मई: जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा के लिए आज एनआईसी सभागार, धर्मशाला में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकाॅर्ड) की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) विनय कुमार ने की। बैठक में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और बहुआयामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए एडीसी विनय कुमार ने कहा कि जिले की 44 चिन्हित पंचायतों में विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।उन्होंने कहा कि नशे के मामलों में काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि नशे की सप्लाई चेन तक पहुंचकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशे की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के अवैध कब्जों को हटाने के साथ-साथ यदि कोई सरकारी कर्मचारी ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
एडीसी ने 'संवाद' (एस.ए.एम.वी.ए.ए.डी.दृसिस्टेमैटिक अडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडिशन डायलाॅग) कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए शिक्षा विभाग को स्कूलों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए संवाद कार्यक्रम के तहत नियमित गतिविधियां आयोजित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी विद्यालय अपने परिसरों तथा आसपास किसी भी प्रकार की नशा संबंधी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन को दें। साथ ही विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित कार्यशालाएं एवं परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं।
विनय कुमार ने बताया कि सभी पंचायतों में नशा मुक्ति जागरूकता संबंधी होर्डिंग्स स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने निजी नशा मुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण तथा उनकी कार्यप्रणाली के मासिक मूल्यांकन के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) राजेंद्र जसवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ. अनुराधा, उपनिदेशक कृषि कुलदीप धीमान, सहायक आयुक्त आबकारी रविंद्र सिंह, उपनिदेशक शिक्षा कार्यालय से नवदीप ठाकुर एवं

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