Ticker

6/recent/ticker-posts

'मध्यस्थता राष्ट्र 2.0 अभियान' के तहत लंबित मामलों को सुलझाने का है मौका

 



अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला उमेश वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में जिला शिमला के अधीनस्थ न्यायालयों में 'मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान' चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का आपसी सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र और प्रभावी निस्तारण करना है। अभियान के अंतर्गत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन चालान मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउंस प्रकरण, वाणिज्यिक एवं सेवा संबंधी विवाद, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली के मामले, विभाजन एवं बेदखली संबंधी मुकदमे, भूमि अधिग्रहण प्रकरण सहित अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता विवादों के समाधान की एक प्रभावी प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से पक्षकार आपसी सहमति के आधार पर विवाद का निपटारा करते हैं। यह प्रक्रिया गोपनीय, सरल, लचीली तथा कम खर्चीली होने के साथ-साथ न्याय प्राप्ति का एक त्वरित माध्यम भी है।
उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस अभियान का लाभ उठाएं तथा अपने लंबित मामलों और विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाएं।

Post a Comment

0 Comments