हमीरपुर 13 अप्रैल। इस वर्ष भी 14 से 20 अप्रैल तक मनाए जा रहे अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत जिला हमीरपुर में कई जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गृह रक्षा विभाग की दसवीं वाहिनी हमीरपुर के कमांडेंट विनय कुमार ने बताया कि इस वर्ष के अग्निशमन सेवा सप्ताह का मुख्य विषय 'सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरुक समाज-आग की रोकथाम के लिए एक साथ' रखा गया है। इस सप्ताह के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, विशेषकर, स्कूलों, सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में लोगों को अग्निसुरक्षा के प्रति जागरुक करेंगे। इस दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा ऊंचे भवनों का फायर सेफटी ऑडिट भी किया जाएगा। कमांडेंट ने बताया कि इन सभी गतिविधियों का लक्ष्य अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरुकता बढ़ना तथा फायर सेफटी कल्चर को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कमांडेंट ने बताया कि 14 अप्रैल 1944 को मुंबई की विक्टोरिया डॉक पर खड़े एक बड़े मालवाहक समुद्री जहाज में सायं करीब 4ः40 बजे विस्फोट हो गया था। इस जहाज में लगभग 1200 टन विस्फोटक सामग्री, तेल और अन्य ज्वलनशील सामान था।
जहाज में विस्फोटों की तीव्रता इतनी भयंकर थी कि इसकी आग मुंबई शहर के कई क्षेत्रों में फैल चुकी थी। ऐसी भीषण परिस्थिति में भी फायर ऑफिसर नोरमन कुमज ने अपने जवानों पर पूरा भरोसा दिखाते हुए अति विशाल क्षेत्र में फैल चुकी आग को बुझाने की जिम्मेवारी ली। इस दुर्घटना में जान-माल की रक्षा के लिए 66 अग्निशमन कर्मचारियों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इन्हीं की याद में हर वर्ष 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है।
कमांडेंट ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में भी कई अग्निशमन कर्मचारियों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है। वर्ष 2009 में नालागढ़ की एक औद्योगिक इकाई में हुए भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की जलकर मौत हो गई थी, जिनमें अग्निशमन सेवा विभाग के दो कर्मियों की शहादत भी शामिल है।

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