धर्मशाला, 15 अप्रैल: कृषि एवं पशु पालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि ध्वजारोहण किया तथा मार्च पास्ट की सलामी ली इस अवसर पर कृषि एवं पशु पालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार पिछले तीन वर्षों से व्यवस्था परिवर्तन के मूल मंत्र पर कार्य करते हुए प्रदेश के विकास और जन कल्याण की दिशा मंे आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया है और पिछले तीन वर्षों में 49 हज़ार 500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। पिछले 73 वर्षों से हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान निरंतर मिल रहा था। अब इस अनुदान को बंद किए जाने से हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष औसतन 8 से 10 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के 1 लाख 36 हज़ार कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल की है। इसके अलावा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1500 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में 225 करोड़ से अधिक की राशि से अत्याधुनिक मिल्क प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में पशु पालन से जुड़े परिवारों को लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। कृषि क्षेत्र में फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण परियोजना है। इस योजना के लिए 643.68 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से अब तक 318.56 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं और लगभग 49 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालकों से गाय और भैंस के दूध की खरीद देश भर की तुलना में सर्वाधिक समर्थन मूल्य पर कर रही है। गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध पर 47 से 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है और हमारी सरकार ने गद्दी और अन्य संबंधित समुदायों के 40 हजार से अधिक परिवारों के लिए एक सशक्त नीति बनाने हेतु 300 करोड़ रुपये की पीईएचएल योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है जहां प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पन्न गेहूं, मक्की और हल्दी के लिये समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। गेहूं पर 80 रुपये, मक्का पर 50 रुपये और हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। राज्य में पहली बार अदरक की खरीद पर 30 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया गया है।
प्रो. चं्रद कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। कांगड़ा जिला को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है तथा 3 हज़ार 349 करोड़ रुपये के पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रदेश भर में हेलीपोर्ट, हेलीपैड, रोप-वे निर्माण, ईको पर्यटन स्थल, स्काई वाॅक ब्रिज आदि के विकास से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सैलानियों में ईको पर्यटन के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए प्रदेश में 50 नए ईको टूरिज़्म स्थल विकसित करने का निर्णय लिया है।
इससे पहले परेड कमांडर आदर्श बरयाल के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया गया तथा डाईट धर्मशााला की छात्राओं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सकोह, राजकीय उच्च विद्यालय कंड, केन्द्रीय विद्यालय धर्मशाला, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति तथा लोक गीतों एवं विकास गीतों पर आधारित प्रस्तुतियां भी दीं। इस अवसर पर रेडक्राॅस के लक्की ड्राॅ भी निकाले गए।
इस अवसर पर आप्रेशन सिंदूर के दौरान वीरगति को प्राप्त करने वाले सूबेदार मेजर पवन कुमार जिन्हें सेना मेडल भी मिला है कि पत्नी सुषमा देवी को भी मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया।
इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण में बेहतरीन कार्य करने वाले पूर्व डिविजनल फाॅयर आफिसर प्रो. बीएस बहल को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल, हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष प्रभात चंद, परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी के चेयरमैन निशु मोंगरा, आरटीए के सदस्य सुरेश पप्पी, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के निदेशक पुनीत मल्ही, उपायुक्त हेमराज बैरवा, एसपी अशोक रत्न, एडीसी विनय कुमार सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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