उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान सफलतापूर्वक संचालित हो सके। ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों, विभिन्न सरकारी विभागों, विद्यालयों और विभिन्न मीडिया माध्यमों के माध्यम लोगों को टीके के लाभ, उसकी सुरक्षा और निःशुल्क उपलब्धता के बारे में जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया। एचपीवी टीका गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव में सहायक है, जो भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। वैज्ञानिक रूप से यह टीका सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है और विश्व के कई देशों में इसका सफल उपयोग किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 67,000 किशोरियों को एकल खुराक (सिंगल डोज वैक्सीन) टीका निःशुल्क लगाया जाएगा। टीकाकरण सत्र 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल, 2026 को आयोजित होंगे। जो किशोरियां किसी कारणवश छूट जाएंगी, उनके लिए 19 अप्रैल, 10 मई, 24 मई और 21 जून, 2026 को विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। टीकाकरण 378 चिन्हित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया जाएगा। इसके दृष्टिगत कोल्ड चेन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा पंजीकरण और निगरानी यू-विन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए अभिभावकों की सहमति भी ली जाएगी।
तीन महीने के इस विशेष अभियान के बाद एचपीवी टीकाकरण नियमित रूप से यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जारी रहेगा। यह अभियान और इसे नियमित टीकाकरण में शामिल करना मुख्यमंत्री के स्वस्थ और समृद्ध हिमाचल दृष्टिकोण के अनुरूप है।
यह पहल प्रदेश की बालिकाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और राज्य में कैंसर के मामलों को कम करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह टीका निजी क्षेत्र में पहले से ही उपलब्ध है लेकिन वहां इसकी कीमत बहुत अधिक है, जबकि सरकार इसे यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सभी पात्र बालिकाओं को निःशुल्क उपलब्ध करवा रही है।
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