उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने बैंक से कृषि के लिए कोई ऋण नहीं लिया है वह किसान भी 31 जुलाई से पहले किसी भी लोक मित्र केंद्र में जा कर अपनी मक्की व धान की फसलों का बीमा करवा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत करबाने के लिए किसान को अपनी एक फोटो, आईडी कार्ड, एड्रेस प्रूफ, खेत का, खसरा नंबर, साथ ले जाएँ। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान मक्की व धान फसलों के लिए अधिकतम 48 रूपये प्रति कनाल प्रीमियम राशि देकर 2400 रुपए प्रति कनाल का जोखिम प्राप्त कर सकता है । इस योजना के अंतर्गत फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि अब 15 जुलाई से बढ़ कर 31 जुलाई हो गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा जैसे कि जल भराव, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटना व आसमानी बिजली के गिरने से प्राकृतिक आग के कारण फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए यह योजना किसानों के लिए बहुत लाभप्रद सिद्ध हो रही है पिछले वर्ष इस योजना के अंतर्गत मक्की व धान की फसलों में हुए नुक्सान की भरपाई के लिए जिला काँगड़ा के 4412 किसानों को 83.41 लाख रूपये का मुआवजा दिया गया है।
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