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विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता, गत चार वर्षों में हिमाचल ने शिक्षा क्षेत्र में छुए नए सोपान- रोहित ठाकुर



शिक्षा मंत्री ने की विजय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 21वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता
मंडी, 30 अक्टूबर। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज बल्ह विधानसभा क्षेत्र के बगला में विजय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 21वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट संस्थान के मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम भी है। स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की सफलता केवल उसकी भव्य इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले विद्यार्थियों के चरित्र, ज्ञान, संस्कार और उपलब्धियों से आंकी जाती है।
शिक्षा मंत्री ने वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल वर्ष 2021 में देशभर में 21वें स्थान पर था, जबकि अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। एनएएस-2025 में प्रदेश ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार परख-2024 में भी प्रदेश के विद्यार्थियों की आधारभूत भाषा एवं सीखने की क्षमता राष्ट्रीय औसत से बेहतर रही है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में भी हिमाचल 13वें स्थान से छठे स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि 99.55 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ प्रदेश ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर प्रोत्साहित कर रही है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों और शिक्षकों को विदेशों में शैक्षणिक भ्रमण के अवसर भी दिए जा रहे हैं, ताकि वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई तकनीकों से परिचित हो सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने, विचारों को व्यापक बनाने और समाज को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षण संस्थानों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करें।
रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में तेजी से बदलती तकनीक और रोजगार की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने तक सीमित नहीं रह गई है। उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करना आवश्यक है। विद्यार्थी अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और मेहनत, प्रतिभा तथा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता के त्याग को समझने, शिक्षकों का सम्मान करने, समय का सदुपयोग करने तथा अच्छे संस्कार, विनम्रता और संवेदनशीलता अपनाने का आह्वान भी किया।
उन्होंने विजय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान को नैक से मान्यता मिलना शैक्षणिक गुणवत्ता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर संस्थान द्वारा प्रस्तावित स्कूल भवन के निर्माण के लिए शिक्षा मंत्री एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आधारशिला भी रखी। उन्होंने संस्थान के परिसर में पौधारोपण भी किया।
संस्थान के चेयरमैन गौरव मारवाह, चेयरपर्सन कविता मारवाह, प्रधानाचार्य डॉ. दीप्ति सहित संस्थान प्रबंधन ने शिक्षा मंत्री का कार्यक्रम में उपस्थित होने और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए आभार व्यक्त किया। संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। 
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, पूर्व विधायक बिलासपुर तिलकराज शर्मा, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान, जिला कांग्रेस अध्यक्षा चंपा ठाकुर, अनुसूचित जाति सैल के अध्यक्ष ब्रम्ह दास चौहान, एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी, विभागों के अधिकारी कर्मचारी, संस्थान के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव मारवाह, विजडम एजुकेशन ग्रुप सोसायटी की चेयरपर्सन कविता मारवाह, प्रधानाचार्य डॉ. दीप्ति सहित संस्थान के प्रबंधन सदस्य, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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