भटियात में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
चंबा, 28 सितंबर
मानसून-2026 के दौरान फ्लैश फ्लड, बाढ़, भूस्खलन एवं बादल फटने से उत्पन्न स्थिति के मौके पर आकलन के लिए हिमाचल प्रदेश के दौरे पर पहुंची अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने आज चुवाड़ी में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आपदा प्रबंधन-II) एवं आईएमसीटी के अध्यक्ष एम. रामचंद्रुडु ने की।
बैठक का संचालन अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने किया। इस दौरान केंद्रीय टीम को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मानसून-2026 के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों जैसे सड़क, जल, विद्युत व्यवस्था, मकानों/भवनों के नुकसान एवं जन-धन-माल की हानि सहित कृषि, पशुपालन एवं शिक्षा के क्षेत्र में हुए नुकसान तथा राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान केंद्रीय टीम ने भटियात क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने कालीघार, टिकर गला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया तथा मौके पर हुए नुकसान और राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
टीम सदस्यों ने मौके पर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से आपदा से हुए नुकसान और किए गए राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम में जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय जल आयोग के निदेशक श्री प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गेहूं विकास निदेशालय, गुरुग्राम के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा , ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिशासी अभियंता शाश्वत मोहपात्रा, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के उप निदेशक कनव दुआ तथा राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), इसरो के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी शामिल रहे।
बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व सुनील वर्मा, उपमंडल अधिकारी नागरिक भटियात मनीष सोनी, तहसीलदार जय चंद, वन मंडल अधिकारी डॉ. कुलदीप जमवाल, खंड विकास अधिकारी अनिल गुराडा, अधिशासी अभियंता राकेश ठाकुर, नरेंद्र चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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