कुल्लू, 29 जून: हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (HMOA) ने क्षेत्रीय अस्पताल, कुल्लू में हाल ही में हुई घटना के बाद अस्पताल परिसर में जारी विरोध-प्रदर्शनों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी चिकित्सक के खिलाफ निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले जनभावनाएं भड़काना और उन्हें दोषी ठहराना उचित नहीं है।

HMOA द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षेत्रीय अस्पताल, कुल्लू में कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु चिकित्सा समुदाय में एक मेहनती, समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक के रूप में जानी जाती हैं। एसोसिएशन का कहना है कि किसी एक घटना के आधार पर बिना जांच पूरी हुए किसी चिकित्सक के प्रति घृणा का वातावरण बनाना न्यायसंगत नहीं है।

एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सक सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रत्येक मरीज को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। चिकित्सा विज्ञान की अपनी सीमाएं हैं और गंभीर मरीजों के उपचार में कुछ जोखिम स्वाभाविक रूप से जुड़े होते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की निष्पक्ष जांच से पहले चिकित्सकों के विरुद्ध माहौल बनाना उचित नहीं माना जा सकता।

HMOA ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत है तो उसका समाधान कानून और प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन करने से अन्य मरीजों के उपचार में बाधा उत्पन्न होती है, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तथा चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भय और असुरक्षा का वातावरण बनता है।

एसोसिएशन ने अस्पतालों को उपचार और सेवा का स्थान बताते हुए कहा कि इन्हें विरोध-प्रदर्शन का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। HMOA ने प्रदेशवासियों, मरीजों के परिजनों और सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पर विश्वास रखने तथा चिकित्सा समुदाय के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की है।

यह प्रेस विज्ञप्ति हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रेस सचिव डॉ. विजय कुमार राय द्वारा जारी की गई।