धर्मशाला, 22 जून। आपदा रक्षक पायलट परियोजना के तहत जिला कांगड़ा के 12 उपमंडलों में निर्धारित 600 स्थानीय स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 300 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह जानकारी सोमवार को परियोजना के तहत आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम शिल्पी बेक्टा ने दी। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा तथा तकनीकी सहयोगी एवं कार्यान्वयन संस्था के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
शिल्पी बेक्टा ने बताया कि जिला कांगड़ा के इंदौरा, फतेहपुर, नूरपुर, ज्वाली, शाहपुर एवं धर्मशाला उपमंडलों के संवेदनशील पंचायत क्लस्टरों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा जोखिम की समझ, ग्राम स्तर पर जोखिम एवं संसाधन पहचान, प्राथमिक सुरक्षा उपाय, प्रारंभिक प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, सामुदायिक समन्वय तथा पंचायत स्तर पर आपदा तैयारी से जुड़े व्यवहारिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके माध्यम से ऐसी प्रशिक्षित टीमें तैयार की जा रही हैं जो आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देकर जान-माल तथा संपत्तियों के नुकसान को कम करने में सहायक बन सकें।
उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताहों में जिले के शेष उपमंडलों देहरा, ज्वालामुखी, धीरा, जयसिंहपुर, पालमपुर तथा मुल्थान में भी आपदा प्रबंधन टीमें गठित कर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर शिल्पी बेक्टा ने आपदा रक्षक पायलट परियोजना के तहत प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए तथा उनके योगदान की सराहना की।
बैठक में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के संयोजक रॉबिन कुमार, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक कुलदीप सिंह, जिला इंटर एजेंसी ग्रुप के संयोजक हरजीत भुल्लर तथा आपदा रक्षक पायलट परियोजना के कार्यान्वयन समन्वयक सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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