मंडी,15 अप्रैल। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां सेरी मंच पर आयोजित जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने राष्ट्र ध्वज फहराकर मार्चपास्ट की सलामी ली। उन्होंने इंदिरा मार्केट परिसर स्थित शहीद स्मारक एवं सेरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। इस अवसर पर पुलिस, गृह रक्षक वाहिनी, एनसीसी, एनएसएस व स्काऊट एंड गाइड्स की टुकड़ियों ने भव्य परेड निकाली। वहीं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों ने रंगारंग कार्य प्रस्तुत किए।
विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आज़ादी के आठ महीनों के बाद वर्ष 1948 को आज ही के दिन 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से हिमाचल चीफ कमीशनर प्रोविंस के रूप में वजूद में आया। हिमाचल को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करने में उस समय के नेतृत्व, प्रजामंडल आंदोलन के नायकों, आंदोलनकारियों और हिमाचलवासियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन सभी विभूतियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने वीर भूमि हिमाचल के उन स्वतंत्रता सेनानियों और बहादुर सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र की एकता और अखण्डता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हिमाचल का कोई भी क्षेत्र सड़क सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर गांव, हर बस्ती तक सड़क पहुंचाने का काम तेजी से कर रहे हैं। शिल्हबुधाणी-भुभुजोत-कुल्लू सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने इसे सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना है और एनएचएआई ने इसे दो लेन सड़क बनाने के लिए डीपीआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मंडी व कुल्लू जिला के महत्वपूर्ण भुभु-जोत टनल बनने से कांगड़ा से कुल्लू की दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1538 किलोमीटर सड़कों के लिए 294 परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जिन पर लगभग 2244 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले चरण में 800 किलोमीटर सड़कों के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, ताकि कोई भी गांव पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि मण्डी, गागल, चैलचौक और जंजैहली को जोड़ने वाली सड़क का काम जल्द शुरू होगा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार पुरानी सड़कों के रखरखाव पर भी पूरा ध्यान दे रही है। इसके लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि हर सड़क सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहे। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में 500 किलोमीटर नई मोटर योग्य सड़कें बनाई जाएंगी, 1255 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज कार्य होंगे, 950 किलोमीटर सड़कों की टारिंग की जाएगी और 47 नए पुल बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत दूर-दराज इलाकों के लोगों को घर-द्वार पर राहत प्रदान की जा रही है। विशेष राजस्व अदालतों का नियमित आयोजन किया जा रहा है जिससे वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा सम्भव हुआ है।
राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करने से प्रदेश के समक्ष आए गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति पर चर्चा करते हुए लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि चुनौतियां आएंगी जरूर, लेकिन प्रदेश के लोगों की इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच एवं संकल्प को यह तोड़ नहीं सकती। उन्होंने कहा कि अंत में जीत हिमाचलियत की होगी और क्षेत्रवाद व दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए जनसहयोग से हिमाचल की आर्थिकी पुनः समृद्ध करने में सफल होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले दिन से ही नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया है और पिछले तीन वर्षों में 49,500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किये वायदों को पूरा कर लिया है। प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल की। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1500 रुपये सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी और निश्चित आय का प्रावधान है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी इसमें विभिन्न प्रावधान शामिल हैं। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू कर हमने एक और गारंटी को पूरा किया है। सरकार पशुपालकों से गाय और भैंस के दूध की खरीद देश भर की तुलना में सर्वाधिक समर्थन मूल्य पर कर रही है।
प्रदेश में बागवानी नीति लागू करने का फैसला किया है और ऐसा करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। इससे प्रदेश के 82,500 लोगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। हिमाचल देश का पहला राज्य बना है जहां प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पन्न गेहूं, मक्की और हल्दी के लिये समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। राज्य में पहली बार अदरक की खरीद पर 30 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एक क्रांतिकारी पहल है। शिमला के चमियाणा, आईजीएमसी, टांडा और नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि हमीरपुर को जल्दी ही प्रदान की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में सुधार से हिमाचल ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का मील पत्थर हासिल किया है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल को देश में पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर था। बच्चों के पढ़ने और सीखने के स्तर में राज्य को प्रथम आंका गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है। मंडी जिला के भी 23 स्कूल इसमें शामिल हैं। उन्होंने चिट्टा मुक्त हिमाचल के निर्माण का आह्वान करते हुए दोहराया कि जन सहयोग से युवाओं के भविष्य को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाएंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर नगर निगम मंडी द्वारा स्वच्छता जागरूकता पर तैयार गीत एवं हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया और स्वच्छता कर्मियों, परेड में शामिल दलों और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले दलों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल, अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष चेतराम ठाकुर, महासचिव यदोपति ठाकुर, पूर्व प्रत्याशी नरेश चौहान, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, उपमंडलाधिकारी (ना.) रुपिंदर कौर, नगर निगम के आयुक्त रोहित राठौर सहित विभिन्न उच्चाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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