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*उपमुख्यमंत्री ने 12.50 करोड़ रुपये से निर्मित जल शक्ति विभाग हरोली विश्राम गृह का किया लोकार्पण*

 


हरोली (ऊना) 9 अप्रैल. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को हरोली में जल शक्ति विभाग के नवनिर्मित विश्राम गृह  का लोकार्पण किया। लगभग 12.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक परिसर 15 सुसज्जित कमरों से युक्त है, जो विभिन्न आयोजनों एवं बाहरी आगंतुकों के लिए बेहतर आवास सुविधा प्रदान करेगा तथा लंबे समय तक आम जनता के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में लंबे समय से एक ऐसे केंद्रीय स्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां बाहर से आने वाले अतिथि ठहर सकें। यह विश्राम गृह उसी आवश्यकता की पूर्ति करेगा। उन्होंने बताया कि परिसर की दीवारों पर हरोली और जिला ऊना के विकास कार्यों को दर्शाती तस्वीरें लगाई जाएंगी, जिससे यहां आने वाले लोगों को क्षेत्र के विकास की एक समग्र झलक प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि आगामी हरोली उत्सव सहित अन्य प्रमुख आयोजनों के दौरान बाहर से आने वाले मेहमानों एवं कलाकारों के लिए यहां ठहरने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। 
बता दें, इसी परिसर से 11 अप्रैल को शोभायात्रा का शुभारंभ भी किया जाएगा।
*प्रदेश में 2000 करोड़ की जल शुद्धिकरण योजना लागू होगी*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता सुधारने और जल शुद्धिकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत आधुनिक तकनीक आधारित जल शुद्धिकरण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिला ऊना में पेयजल एवं सिंचाई से संबंधित लगभग 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें 550-600 करोड़ रुपये के पेयजल तथा 350-400 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्य शामिल हैं। एडीबी के तहत जिले में 135 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से 7 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष को इसी वर्ष पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भभौर साहिब से पोलियां बीत तक लगभग 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरोली क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की बीत सिंचाई योजना (फेज-2) के माध्यम से आगामी 50 वर्षों तक जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त हरोली क्षेत्र में 300 से अधिक नलकूपों की रिमॉडलिंग के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना के तहत कार्य किया जाएगा। टाहलीवाल, हरोली और खड्ड क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री कहा कि हरोली समेत पूरे ऊना जिले में जल संरक्षण के तहत तालाबों के पुनर्जीवन (रिचार्जिंग) पर विशेष ध्यान दिया  जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में छोटे बांधों के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।
*कर्मचारियों को किया सम्मानित*
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि रिकॉर्ड समय में इस भव्य विश्राम गृह का निर्माण विभाग की कार्यकुशलता का प्रमाण है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्य अभियंता रोहित दूबे, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान, अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा, सहायक अभियंता आशीष चौधरी, वास्तुकार राजदीप अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता सुरजीत कटवाल तथा कार्य को अमलीजामा पहनाने वाले इकबाल को विशेष रूप से सम्मानित किया।
इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री द्वारा ऊना जिले में जल योजनाओं की सौगात के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का विकास दृष्टिकोण हरोली सहित पूरे क्षेत्र के लिए मार्गदर्शक है।कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रणजीत राणा, एससी आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा एवं अधिवक्ता शालिनी, जल प्रबंधन बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर, कांग्रेस नेता विनोद बिट्टू, सुभद्रा चौधरी, सुरेखा राणा, सतीश बिट्टू, संतोष बिट्टू, जसपाल जस्सा, विक्रमजीत सिंह, प्रमोद कुमार, मेहताब ठाकुर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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