घुमारवीं के भगेड़ में हाल ही में आयोजित एक दिवसीय आयुष मेले ने यह साबित कर दिया कि हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आज भी कितनी असरदार है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत लगे इस कैंप में 110 से अधिक लोगों ने न केवल अपनी जांच करवाई, बल्कि विशेषज्ञों से मुफ्त परामर्श और दवाइयां भी प्राप्त कीं। एसडीएम गौरव चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक शानदार जरिया बताया। 🏥✅
इस मेले की 3 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए:
सिर्फ इलाज नहीं, बचाव भी: डॉक्टरों ने योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया, जो मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए रामबाण है। 🧘♂️
प्रकृति से जुड़ाव: औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई और लोगों को मुफ्त पौधे बांटे गए ताकि वे घर बैठे आयुर्वेद का लाभ ले सकें। 🌱
जागरूकता: जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुखविंदर कौर ने जोर दिया कि आयुर्वेद सिर्फ बीमारी ठीक नहीं करता, बल्कि जीने का सही तरीका (ऋतुचर्या और दिनचर्या) सिखाता है।
अपनी जड़ों की ओर लौटें और आयुर्वेद को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं! 🛡️🧡

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