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प्रदेश में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 2000 करोड़ रुपये होंगे खर्चः मुख्यमंत्री


 


मुख्यमंत्री ने बंगाणा में डीएसपी और सब-जज कोर्ट खोलने की घोषणा की

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान 14.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तुरकाल पंगा पेयजल की योजना का शिलान्यास किया, जिससे बुधान, चमयाड़ी, धुंगले, लठियाणी और तनोह ग्राम पंचायतों के 10 हजार से निवासियों को लाभ होगा। उन्होंने सामर्थ्य ज्ञानदीप पुस्तकाल और सामर्थ्य व्यायामशाला का भी शिलान्यास किया।
इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमत्री ने बंगाणा में डीएसपी ऑफिस और सब जज कोर्ट खोलने की घोषणा की। उन्होंने रैनसरी और लठियाणी में पीएचसी खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि समारोह में उपस्थित महिला मंडलों को 25-25 हजार रुपये प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और अगले वित्त वर्ष से आधुनिक तकनीक से पानी को साफ करने पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के लोग स्वस्थ और बीमारियों से भी दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा अपने क्षेत्र के लोगों के काम करवाने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन लेकर सचिवालय में आते हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करते हैं। यह उनका सेवा भाव है और अपने क्षेत्र के लिए हमेशा समर्पण के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि 32 साल बाद कुटलैहड़ से कांग्रेस का विधायक बना, लेकिन पूर्व विधायक अपने टेंडरों की बात करने मेरे पास आते थे। कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीतने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ धोखा किया क्योंकि उनकी नीयत ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी कभी भी हार नहीं सकती है और विवेक शर्मा उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विवेक शर्मा गुणवान भी हैं और भाग्यवान भी हैं। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ की जनता विवेक शर्मा को हमेशा आशीर्वाद देती है।
पंजाब के वित्त मंत्री पर पलटवार करते हुए ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति पंजाब से बहुत बेहतर है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब में ओपीएस देने की बात की थी। अब चुनाव सिर पर हैं लेकिन आज तक सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस नहीं दी गई है। जबकि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में अपने कर्मचारियों को ओपीएस दी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की संपदा को किसी भी कीमत पर लुटने नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जीवन में संघर्ष किया है और लोगों के दर्द को भली-भांति जानते हैं इसीलिए लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आपदा के दौरान वह स्वयं और उप-मुख्यमंत्री ग्राउंड जीरो पर रहे और प्रभावित परिवारों की मदद की। उन्होंने कहा कि 23 हजार प्रभावित परिवारों को फिर से बसाने और फंसे हुए 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। उन्होंने कहा, ''हमने पर्यटकों को भी सुरक्षित निकाला और 48 घंटे में बिजली पानी की सुविधा अस्थाई रूप से बहाल कर लोगों की मुश्किलें कम कर दी। आर्थिक तंगी के बावजूद आपदा प्रभावित परिवारों को फिर से बसाने के लिए राज्य सरकार ने सभी नियम बदल दिए। घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर पहले डेढ़ लाख रुपये मिलने वाली सहायता को राज्य सरकार ने बढ़ाकर सात लाख रुपये किया।'' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अभी प्राकृतिक आपदा से जूझ ही रही थी कि राजनीतिक आपदा आ गई। उन्होंने कुटलैहड़ की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपके और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई।
भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनाव जीतने के लिए जनता का पैसा लुटा दिया। उन्होंने कहा, ''अपने मित्रों की झोली भरने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये के भवन बना दिए, जो खाली पड़े हैं।'' उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल विरोधी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के वीरों ने चार परमवीर चक्र जीते हैं लेकिन आज युवाओं को अग्निवीर बनाकर चार वर्ष में रिटायर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के रोजगार के अधिकार मनरेगा को भी भाजपा ने छीन लिया है। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल के लोगों का आरडीजी के रूप में मिलने वाली आर्थिक सहायता का संवैधानिक अधिकार भी छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरडीजी पर विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के विधायक आरडीजी के पक्ष में खड़े नहीं हुए, जो प्रदेश के लोगों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को 54 हजार करोड़ रुपये आरडीजी तथा 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी कंपनसेशन के रुप में कुल 70 हजार करोड़ रुपये मिले जबकि वर्तमान सरकार को 17 हजार करोड़ रुपये आरडीजी ही मिली। उन्होंने कहा, ''अगर हमें 70 हजार करोड़ रुपये मिले होते तो आज हिमाचल प्रदेश पर एक रुपये भी कर्ज नहीं होता। आज हमें कर्ज वापिस करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है लेकिन फिर भी हम हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर ले जा रहे हैं।''
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में 21वें स्थान पर पहुंच गया था लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आज हम सीबीएसई स्कूल खोल रहे हैं तो भाजपा द्वारा उसका भी विरोध किया जा रहा है। इन सीबीएसई स्कूलों को बेहतर शिक्षा के लिए अगले दो महीने से सभी अध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। पिछली सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र दयनीय हालत में था लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में निरंतर सुधार कर रही है। उन्होंने कहा, ''हम मेडिकल टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में सुधार कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश सरकार तीन हजार करोड़ रुपये स्वास्थ्य के क्षेत्र में हाई-एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी पर खर्च करने जा रही है। पहले कभी भी कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में इतने डॉक्टर नहीं थे और आने वाले समय में और डॉक्टर भेजे जाएंगे।''
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिला के हर कोने तक पानी पहुंचाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। माता चिंतपूर्णी मंदिर और आसपास की पंचायतों को पानी पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए एक परियोजना पर काम चल रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे़। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ के लिए लगभग 47 करोड़ रुपये की पीने के पानी की परियोजना जल्द ही स्वीकृत की जाएगी।
पंजाब के वित्त मंत्री के बयान की निंदा करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपना घर संभालें, क्योंकि पंजाब का कर्ज बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपये हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बीबीएमबी को 4500 करोड़ रुपये हिमाचल को देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन पंजाब ने अभी तक पैसा नहीं दिया। यही नहीं शानन परियोजना पर पंजाब ने कब्जा किया है। चंडीगढ़ में 7.16 प्रतिशत हिस्सा हमारा है, वो भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश छोटा भाई है लेकिन हमें अपने अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उल्टे टिप्पणी हम पर की जा रही है। उन्होंने कहा, ''अगर हम बोल नहीं रहे तो पंजाब को कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है। हिमाचल पर उंगली उठाने से पहले पंजाब अपने गिरेबान में झांके। हम पहाड़ी जरूर हैं, लेकिन किसी से नहीं डरते।''
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी कॉलेजों के लिए बराबर पैसा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोगों को निरोगी रखने के लिए साफ पानी देना आवश्यक है जिसके लिए 2000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ में एक भाजपा की बीजेपी है और दूसरी भुट्टो बीजेपी है और आने वाले समय में भी विवेक शर्मा का रास्ता साफ होता रहेगा। उन्होंने कहा कि विवेक शर्मा कुटलैहड़ की जनता के दुख-सुख के साथी हैं और अपने क्षेत्र के लिए रात-दिन मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ का भविष्य विधायक विवेक शर्मा के हाथ में सुरक्षित है।
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री कुटलैहड़ नहीं आ पाते थे जबकि आज ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू कुटलैहड़ के प्रवास पर आए हैं। उन्होंने कहा कि आज कुटलैहड़ की सड़कों के लिए राज्य सरकार पैसा दे रही है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान कुटलैहड़ में भी नुकसान हुआ है और प्रभावित परिवारों को सात-सात लाख रुपये मुआवजा कांग्रेस सरकार ने दिया है। पिछली सरकार के समय में भी आपदाएं आईं, लेकिन आम लोगों को कभी पैसा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री की सोच के कारण आज कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। थाना-कलां अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया गया है और आज वहां पर 10 डॉक्टर हैं और हर विभाग के डॉक्टर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र में पानी की समस्या को सुलझाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक राकेश कालिया व सुदर्शन बबलू, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य विजय डोगरा एवं दिग्विजय मल्होत्रा, नशा निवारण बोर्ड के उप-संयोजक संजय भारद्वाज, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देसराज गौतम, राम आसरा शर्मा, रणजीत राणा, विवेक मिंका, रूबल ठाकुर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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