इस गंभीर समस्या के मध्यनजर बागवानी विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश फल नर्सरी पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2015 तथा नियम, 2020 के तहत कठोर कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि वैध लाइसेंस, पंजीकरण और उचित दस्तावेजों जैसे पौधों का स्रोत प्रमाण-पत्र, फाइटोसैनिटरी प्रमाण पत्र, किस्म प्रमाणीकरण आदि के बिना नर्सरी व्यवसाय चलाने वाले या पौधे बेचने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
किसानों से अपील है कि वे किसी भी नर्सरी से पौधे खरीदते समय नर्सरी संचालक का वैध लाइसेंस पंजीकरण प्रमाण पत्र अवश्य देंखें और बिना बिल के कोई भी फल पौध न लें। यदि फल पौध प्रमाणित किस्म का नहीं पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग का उद्देश्य राज्य में फल नर्सरी व्यवसाय को पूर्णतः विनियमित करना तथा किसानों को उच्च गुणवत्ता, प्रमाणित और रोगमुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है। जन सहयोग से ही इस अवैध व्यापार पर अंकुश लगाया जा सकता है।
प्रवक्त्ता ने बागवानों से आग्रह किया कि वह गैर पंजीकृत पौधशालाओं एवं सड़क किनारे बिक रहे फल पौध व बिना उपयुक्त दस्तावेजों के बेचे जा रहे फलदार पौधों को न खरीदें। इसके अलावा ऐसे किसी भी व्यक्ति या नर्सरी की सूचना नजदीकी बागवानी विस्तार अधिकारी, बागवानी विकास अधिकारी अथवा विषय विशेषज्ञ को तुरंत दें।
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