राज्यपाल ने कैडेट्स को सम्मानित किया और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने वाले हिमाचल के सभी एनसीसी कैडेट्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रोत्साहन स्वरूप 50,000 रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।
इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के 21 एनसीसी कैडेट्स पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ निदेशालय के दल का हिस्सा थे, जिनमें 10 बालक और 11 बालिकाएं शामिल थीं। दल में कुमारी कृतिका शर्मा भी सम्मिलित थी, जिन्होंने 18 मई, 2025 को माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर देश का नाम रोशन किया है। अपने इस अभियान के दौरान उन्होंने एक शेरपा की जान बचाकर अदम्य साहस का परिचय भी दिया। राज्यपाल के साथ भेंट के दौरान कैडेट्स ने अपने अनुभव साझा किए।
दल को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य के 21 कैडेट्स ने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण का प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश वीर भूमि है और एनसीसी कैडेट्स इस समृद्ध परंपरा के ध्वजवाहक हैं, जो अनुशासन, राष्ट्रीय सेवा और देशभक्ति के मूल्यों का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन करना नेतृत्व क्षमता, सांस्कृतिक विविधता और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस शिविर में बालिका कैडेट्स की संख्या बालकों से अधिक रही।
राज्यपाल ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्था है, जो युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करती है। कैडेट्स को 'आज का भारत' बताते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कैडेट्स एनसीसी में सीखे गए मूल्यों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित भाव से योगदान देते रहेंगे।
इससे पूर्व, एनसीसी के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर हरप्रीत सिंह ने राज्यपाल का धन्यवाद किया और जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश में 31,000 से अधिक एनसीसी कैडेट्स हैं, जिनमें 42 प्रतिशत बालिकाएं हैं, जो देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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