31 जनवरी, 2026
एक किन्नौर-स्वच्छ किन्नौर अभियान के तहत उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा के निर्देशानुसार जिला किन्नौर के समस्त विभागाध्यक्षों को नियमित प्लास्टिक एवं अन्य सूखे कचरे के पृथक्करण करने तथा उसे मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), पोवारी तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि कचरे का स्रोत पर पृथक्करण एक साझा जिम्मेदारी है तथा पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सूखे कचरे का पृथक्करण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा और सूखे कचरे को निम्न श्रेणियों में अलग-अलग एकत्र किया जाएगा—
प्लास्टिक कचरा (प्लास्टिक बोतलें, कंटेनर आदि)
कांच का कचरा (कांच की बोतलें, टूटे हुए कांच के टुकड़े आदि)
अन्य सूखा कचरा (रैपर, पैकेट, कागज आधारित पैकेजिंग, मल्टीलेयर कचरा आदि)
उन्होंने बताया कि साडा रिकांग पिओ द्वारा प्रत्येक विभाग से पृथक किए गए सूखे कचरे का संग्रह सुनिश्चित किया जाएगा तथा उसे अंतिम पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निपटान के लिए एमआरएफ पोवारी भेजा जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि स्वच्छता गतिविधियों एवं सूखे कचरे के पृथक्करण से संबंधित मासिक अनुपालन रिपोर्ट फोटोग्राफिक साक्ष्यों (पूर्व व पश्चात) सहित प्रस्तुत करनी होगी। निर्देशों की अवहेलना या रिपोर्ट प्रस्तुत न करने की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को सभी विभाग अपने कार्यालय परिसरों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाना सुनिश्चित करेंगे, जिससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो सके। इस अभियान के तहत जनवरी माह के अंतिम शनिवार को चलाए गए सफाई अभियान में 900 किलोग्राम कचरा एकत्रित किया गया जिसमें 20 विभागों के कर्मचारियों और साडा क्षेत्र की 06 पंचायतों ने भाग लिया।

0 Comments