इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बुकिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, जिससे विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता को भी जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों में ठहरने के लिए कमरा बुक करवाने की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ऑनलाइन व्यवस्था से कमरे की बुकिंग एक क्लिक पर सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता तुरंत बुकिंग कन्फर्मेशन है, जिससे पहले की तरह लंबा इंतजार और असमंजस समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि आवेदन करने के कुछ ही मिनटों में बुकिंग की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी, जिससे सभी अतिथियों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जल शक्ति विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने इस पहल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के पास पूरे प्रदेश में 87 विश्राम गृह हैं, जिनमें कुल 324 कमरे उपलब्ध हैं।
बुकिंग के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट jsv.hp.nic.in ;k jsvresthouse.hp.gov.in पर सीधे लॉग इन कर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हिमाचली अतिथियों के लिए कमरे का किराया 500 रुपये और गैर-हिमाचली अतिथियों के लिए 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। बुकिंग के समय कुल राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि चेक-आउट के समय जमा की जा सकेगी। इस सुव्यवस्थित प्रणाली से विश्राम गृहों की ऑक्यूपेंसी बढ़ेगी और विभाग की आय में भी वृद्धि होगी।
डिजिटल व्यवस्था के साथ-साथ विभाग ने 50 बिंदुओं की मानक संचालन प्रक्रिया भी लागू की है, जिसमें विश्राम गृहों के रख-रखाव और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत बिस्तरों की साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, बिजली उपकरणों और फिटिंग्स का नियमित रखरखाव तथा परिसरों की समग्र देखरेख सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा और बेहतर रख-रखाव पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने से हिमाचल प्रदेश आने वाले आगंतुकों को बेहतर बुनियादी ढांचा, पारदर्शी सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करने में सहायता मिलेगी।
प्रमुख अभियन्ता अंजु शर्मा, मुख्य अभियन्ता अनिल मेहता, हेमन्त तनवर, दीपक गर्ग, मुकेश हीरा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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